ओरमांझी क्षेत्र की टुंडाहुली पंचायत के आरा-केरम गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा 1000 गांवों को बनाया जायेगा आदर्श ग्राम

Updated at : 20 Nov 2017 8:09 AM (IST)
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ओरमांझी क्षेत्र की टुंडाहुली पंचायत के आरा-केरम गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा  1000 गांवों को बनाया जायेगा आदर्श ग्राम

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आरा और केरम गांव ने झारखंड में आदर्श ग्राम के रूप में अपनी पहचान बनायी है. इसी आधार पर आने वाले दिनाें में झारखंड के 1000 गांवों को आदर्श ग्राम बनाया जायेगा, जो नशा मुक्त और खुले में शौच से मुक्त होंगे. वहां कोई भी बीपीएल परिवार नहीं होगा. […]

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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आरा और केरम गांव ने झारखंड में आदर्श ग्राम के रूप में अपनी पहचान बनायी है. इसी आधार पर आने वाले दिनाें में झारखंड के 1000 गांवों को आदर्श ग्राम बनाया जायेगा, जो नशा मुक्त और खुले में शौच से मुक्त होंगे. वहां कोई भी बीपीएल परिवार नहीं होगा. गांव स्वच्छ, साक्षर और स्वावलंबी होंगे. ऐसे गांव के तहत पड़नेवाली पंचायतों को हर माह 20 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. श्री दास रविवार को ओरमांझी क्षेत्र में टुंडाहुली पंचायत के तहत पड़नेवाले आरा गांव में ग्रामीणों के साथ बातचीत कर रहे थे.
रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास रविवार को करीब 12 बजे आरा-केरम पहुंचे. यहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ लगभग दो घंटे समय बिताया. उनके अनुभव सुने और सुझाव दिये. श्री दास ने कहा कि नशा मुक्त गांव बनाने पर आरा और केरम को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. रांची उपायुक्त सोमवार को इन दोनों गांवों को संयुक्त रूप से एक लाख रुपये का चेक सौंपेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड से गरीबी को समाप्त करने के लक्ष्य के साथ सरकार काम कर रही है. रोजगार से जोड़ कर हर साल योजनाबद्ध तरीके से बीपीएल परिवार को गरीबी रेखा से बाहर किया जायेगा. गांव को बीपीएल कार्ड मुक्त किया जायेगा. आरा और केरम गांव में भी 15-20 बीपीएल परिवार हैं, जिन्हें जोहार योजना के तहत रोजगार से जोड़ा जायेगा. इससे ये परिवार भी बीपीएल श्रेणी से मुक्त हो जायेंगे.
लोगों की सोच, व्यवहार और आचरण में आया बदलाव : श्री दास ने कहा कि नशा मुक्त होने के साथ ही गांव के लोगों सोच, व्यवहार, आचरण बदल गये हैं. यह बड़ी सफलता है. खुले में शौच नहीं करने से गांव में बीमारियों का खतरा कम हो गया है. हम चाहते हैं कि गांव की जनता जागरूक हो जाये. ऐसे गांव को सरकार विकास योजनाओं का पैसा सीधे दे देगी. गांव के लोग जरूरत के मुताबिक इनका उपयोग कर सकेंगे. हम हर हाथ को काम और हर खेत को पानी देने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं.
गांव आगे बढ़ेंगे, तो ही देश और राज्य तरक्की करेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी समाप्त करने का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा है. बच्चों को पढ़ायें. शिक्षित होने पर लोगों को बहकाया नहीं जा सकता है. लोग अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हो जायेंगे, लेकिन कुछ राज्य विरोधी शक्तियां नहीं चाहती हैं कि विकास हो. गांव आगे बढ़ेगा तभी ही देश और राज्य तरक्की करेगा. 67 साल से देश में विकास अवरुद्ध रहा है. अब ऐसा नहीं होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ चला है. झारखंड भी आगे बढ़ रहा है.
प्रोत्साहन राशि से करें बच्चों के लिए खेलकूद की व्यवस्था
सीएम ने कहा कि छोटे-छोटे काम करके बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकते हैं. आरा और केरम के लोगों ने यह करके दिखाया है. गांव को मिलनेवाली प्रोत्साहन राशि से बच्चों के लिए खेलकूद की व्यवस्था करें. बच्चे जितना पसीना बहायेंगे, उतना ही उनका मानसिक और शारीरिक विकास होगा. स्कूल में शिक्षक और बच्चे मिल कर साफ-सफाई करें. इसमें शर्म की कोई बात नहीं है. बच्चों को पौष्टिक आहार दें.
हड़िया बनानेवाले बरतन बेच दिये
गांव की सीमा देवी ने बताया कि महिलाअों ने हड़िया बनाने वाले सारे बरतन जमा कर बेच दिये. खुले में शौच से मुक्त होने के बाद गांव में बीमारियों का प्रकोप समाप्त हो गया है. मलेरिया, हैजा जैसी बीमारियां नहीं हुई हैं. गांववालों ने वहीं से स्नातक करने वाले दो लड़कों को स्कूल में शिक्षक नियुक्त कर लिया है. ये स्कूल में पढ़ाने के साथ ही शाम को गांव के बच्चों को ट्यूशन भी देते हैं.
गांव में है डस्टबिन
इलन देवी ने बताया कि गांव के लोगों ने मिलकर डस्टबिन लगाये हैं. गोबर से बिजली पैदा करने की योजना है. गांव में उगनेवाली फसलों और सब्जियों में रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता है. सूरज करमाली ने बताया कि सूकर पालन से वह हर वर्ष तीन लाख रुपये कमाते हैं. रामदास महतो को शिमला मिर्च की खेती से 1.5 लाख रुपये की आय हुई है.
महिलाओं के प्रयास से नशा मुक्त हुआ गांव
रांची से करीब 30 किमी दूर स्थित ओरमांझी के टुंडाहुली पंचायत के दो गांव आरा-केरम आदर्श ग्राम की मिसाल पेश कर रहे हैं. प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बसे इस गांव में 110 घरों में लगभग 550 लोग रहते हैं. ग्रामीणों ने एक साल में दोनों गांवों की तस्वीर बदल दी है. ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले इस गांव में भी लोग शराब पीते थे. ग्रामीणों व महिलाओं के प्रयास से आज गांव नशामुक्त है. सांसद राम टहल चौधरी, खिजरी विधायक रामकुमार पाहन, ग्रामीण विकास सचिव अविनाश कुमार, मनरेगा अायुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी, सीएम के सचिव सुनील बर्णवाल सहित ग्रामीण उपस्थित थे.
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