झारखंड: पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा, सरकार केवल फरजी पत्थलगड़ी के खिलाफ : नीलकंठ मुंडा

Updated at : 11 Nov 2017 2:13 AM (IST)
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झारखंड: पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा, सरकार केवल फरजी पत्थलगड़ी के खिलाफ : नीलकंठ मुंडा

पलटवार. उल्टा-सीधा बयान देकर झाविमो को रसातल में भेज रहे हैं बंधु रांची : ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा है. आदिवासियों की पहचान है. यह खाता-खतियान से भी बड़ी चीज है. सरकार पत्थलगड़ी के विरोध में हरगिज नहीं है. विरोध तो संविधान विरोधी फरजी पत्थलगड़ी का किया जा […]

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पलटवार. उल्टा-सीधा बयान देकर झाविमो को रसातल में भेज रहे हैं बंधु
रांची : ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा है. आदिवासियों की पहचान है. यह खाता-खतियान से भी बड़ी चीज है. सरकार पत्थलगड़ी के विरोध में हरगिज नहीं है. विरोध तो संविधान विरोधी फरजी पत्थलगड़ी का किया जा रहा है. कुछ जगहों पर फरजी पत्थलगड़ी कर बाहर के लोगों को प्रवेश करने पर प्रतिबंधित किया जा रहा है. ऐसा नहीं चलेगा.
श्री मुंडा ने कहा कि भारत में लोकतंत्र है. देश के किसी राज्य, किसी जिले या किसी गांव में किसी भी व्यक्ति को पत्थलगड़ी के नाम पर प्रवेश करने से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है.
सरकार ऐसा नहीं होने देगी. भाजपा कार्यालय में प्रेस काॅन्फ्रेंसमें श्री मुंडा ने झाविमो उपाध्यक्ष सह पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की के बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय में किसी बड़े जानवर की बलि देने जैसी कोई प्रथा नहीं है. बंधु तिर्की उल्टा-सीधा बयान देकर अपने दल झाविमो को रसातल में भेजने का काम करने कर रहे हैं. आदिवासियों को भ्रमित करने वालों का भाजपा और आदिवासी समाज व्यापक विरोध करेगा.
आदिवासियों को भ्रमित करने वालों का व्यापक विरोध किया जायेगा
राष्ट्रपति को सौपेंगे उलिहातू की पवित्र मिट्टी
भाजपा अनुसूचित जनजाति माेर्चा की आेर से श्री मुंडा, गुमला के विधायक शिवशंकर उरांव, खिजरी के विधायक रामकुमार पाहन और मांडर की विधायक गंगोत्री कुजूर ने संयुक्त रूप से प्रेस काॅन्फ्रेंस कर बताया कि 14 नवंबर को भगवान बिरसा की जन्मभूमि उलिहातू की पवित्र मिट्टी को लेकर पदयात्रा आरंभ की जायेगी. केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव की अध्यक्षता में करीब पांच हजार लोगों की पदयात्रा 15 नवंबर की सुबह रांची के बिरसा चौक पर समाप्त होगी.
वहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उलिहातू की पवित्र मिट्टी सौंपी जायेगी. उन्होंने बताया कि अगले एक महीने तक राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए पदयात्राओं का आयोजन किया जायेगा. सबसे अंत में दुमका में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव की अध्यक्षता में ही पदयात्रा का समापन किया जायेगा.
आदिवासी हित में काम कर रही है रघुवर सरकार
श्री मुंडा ने कहा कि झारखंड में पहली बार आदिवासियों के लिए काम हो रहा है. झामुमो ने झारखंड को बेचा और कांग्रेस ने खरीदने का काम किया है. जबकि झारखंड को अलग राज्य बनाने वाली भाजपा की रघुवर सरकार आदिवासी हित में शानदार काम कर रही है. अब अलग राज्य का उद्देश्य पूरा होता दिख रहा है. पदयात्रा के जरिये रघुवर सरकार द्वारा आदिवासी हित में किये जा रहे कार्यों को भी जनता के बीच प्रचारित करने का काम किया जायेगा.
बंधु पार्टी की ओर से नहीं, परंपरा की बात कर रहे : बाबूलाल मरांडी
रांची : झाविमो नेता बंधु तिर्की के विवादित बयान पर पार्टी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि देश विविधताओं से भरा है़ सबकी अपनी-अपनी परंपरा है़ 36 करोड़ देवी-देवता की बात कही गयी है़ किस समाज में क्या परंपरा है, कोई एक व्यक्ति बोलने के लिए अधिकृत नहीं है़ उन्होंने कहा कि वह आदिवासी हैं, लेकिन छोटानागपुर में जो रीति-रिवाज है, वह संताल में नहीं है़
यहां पत्थलगड़ी की जाती है, लेकिन हमारे संताल में नहीं होता है़ उनके ही मरांडी समाज में कई गोत्र है़ं हमारे यहां भी रिवाज बदल जाते है़ं बंधु तिर्की ने जो कुछ कहा है, वह परंपरा की बात कर रहे थे़ परंपरा समय के अनुसार बदलती भी है़ किसी खास गांव के रिवाज के बारे में उन्होंने कहा है़ वह पार्टी की ओर से नहीं बोल रहे थे़ पत्थलगड़ी को लेकर सरकार के रवैये का विरोध कर रहे थे़
परंपराओं से छेड़छाड़ नहीं हो : करमा
इधर, सामाजिक कार्यकर्ता और मानव शास्त्री डॉ करमा उरांव ने कहा है कि बलि आदिवासियों की पौराणिक प्रथा रही है़ 12 वर्ष में काली बाछी की बलि की परंपरा भी रही है़ इसमें गाय शामिल नहीं है़ आदिवासियों में डंगरी ढेसा कहते है़ं समय के साथ परंपरा बदली है़ अब ऐसा नहीं होता है़ आदिवासी गाय और पशुधन की भी पूजा करते है़ं सोहराय जैसे पर्व भी है़ं परंपराओं के साथ छेड़छाड़ नहीं हो, तो ही बेहतर है़
बंधु के बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं : झाविमो
रांची. झाविमो ने बंधु तिर्की के बयान से किनारा कर लिया है़ प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि बंधु के बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है़ उन्होंने किस संदर्भ में गाय की बलि देने की बात कही है, वही जाने़ पार्टी महासचिव खालिद खलील ने कहा है कि पत्थलगड़ी के संदर्भ में उनके द्वारा दिये गये बयान उनके निजी विचार है़ं बंधु तिर्की राज्य की एक बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करते है़ं झाविमो ऐसे किसी बयान का समर्थन नहीं करती है़ झाविमो सभी धर्मों का सम्मान करती है़
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