नकली चेहरा चमकाते रहे नीतीश और मोदी, विकास के नाम पर ढोंग किया
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Aug 2017 7:04 AM (IST)
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भागलपुर में हुए घोटाले के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं सुशील मोदी : लालू प्रसाद रांची : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को भागलपुर घोटाले का जिम्मेवार ठहराया. उन्होंने कहा कि दोनों की संरक्षण नीति में ही इतने बड़े घोटाले किये गये. नीतीश कुमार आंख […]
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भागलपुर में हुए घोटाले के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं सुशील मोदी : लालू प्रसाद
रांची : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को भागलपुर घोटाले का जिम्मेवार ठहराया. उन्होंने कहा कि दोनों की संरक्षण नीति में ही इतने बड़े घोटाले किये गये.
नीतीश कुमार आंख बंद कर सरकार चलाते रहे और गरीब जनता का पैसा लुटाते रहे. दोनों अपना नकली चेहरा चमकाते रहे और विकास के नाम पर ढोंग करते रहे. उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की, कि उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के हाथ में हथकड़ी लगायें और मंत्रिमंडल से बाहर करें, ताकि जांच प्रभावित न हो. इस घोटाले में सुशील मोदी सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं. इस घोटाले में सुशील मोदी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रोल में रहे. श्री लालू शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के बाद राजकीय अतिथिशाला में पत्रकारों से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि सुशील मोदी को मंत्रिमंडल से बाहर करें, तब मामले की जांच हो. उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त विभाग के सर्कुलर को ताक पर रख कर एनजीओ के माध्यम से राज्य के खजाने की लूट हुई है और भागलपुर जाकर मुख्यमंत्री अधिकारियों को पुरस्कार देते रहे. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह जानना चाहती है कि किसके आदेश से बैंक से पैसे निकाले गये और सृजन संस्था के खाते में डाला गया.
उन्होंने कहा कि इस घोटाले में बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है. किसने कोषागार के अधिकारियों पर दबाव बनाया. इसका खुलासा हो. उन्हाेंने अररिया में भी इस तरह के घोटाले की संभावना जतायी है.
चारा घोटाला : चार मामलों में हाजिर हुए लालू
रांची : चारा घोटाला मामले में आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने शुक्रवार को सीबीआइ के तीन अलग-अलग कोर्ट में चल रहे चार मामलों में हाजिरी दर्ज की. सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में लालू प्रसाद के अधिवक्ता ने पटना हाइकोर्ट का 1963 का सर्कुलेशन भी जमा कराया. इसमें कहा गया है कि अगर कोई याचिकाकर्ता ऊपरी अदालत में रिविजन के लिए याचिका दायर करता है, तो उसे पंद्रह दिन अौर फिर सात-सात दिन का समय दिया जाता है.
इस सर्कुलेशन के आधार पर लालू प्रसाद की अोर से सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में चल रहे दो मामलों की सुनवाई 18 अगस्त तक स्थगित करने का आग्रह किया गया था. हालांकि अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 17, 18 अौर 19 अगस्त निर्धारित की है.
लालू की अोर से अदालत में गवाही नहीं करायी गयी. गौरतलब है कि शिवपाल सिंह की अदालत में लालू प्रसाद चारा घोटाला में कांड संख्या आरसी 38ए/96 अौर आरसी 64ए/96 मामले में ट्रायल फेस कर रहे हैं. उन्होंने आरसी 47ए/96 मामले में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार अौर आरसी 68ए/96 मामले में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत में भी हाजिरी दी.
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