जब-जब अत्याचार बढ़ा है, तब-तब भगवान अवतरित हुए : दयानंद

चितरपुर प्रखंड के मायल केंदुआटांड़ में श्री श्री 1008 श्री राम दरबार प्रांत प्रतिष्ठा के दूसरे दिन आचार्य दयानंद प्रसाद ने प्रवचन दिया.
फोटो फाइल : 14 चितरपुर जे – प्रवचन प्रस्तुत करते दयानंद प्रसाद चितरपुर. चितरपुर प्रखंड के मायल केंदुआटांड़ में श्री श्री 1008 श्री राम दरबार प्रांत प्रतिष्ठा के दूसरे दिन आचार्य दयानंद प्रसाद ने प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि पृथ्वी में जब जब अत्याचार बढ़ा हैं, तब तब भगवान अवतरित हुए हैँ. भगवान श्री राम ने भी अवतार लेकर रावण का वध किया. उन्होंने कहा कि भगवान सब कुछ जानते हैं कहां क्या हो रहा है और क्या होने वाला है. भगवान शंकर जी भी जब श्री राम की भक्ति कर रहे थे, तब माता पार्वती को विश्वास नहीं था. माता पूछती है की आप किसकी भक्ति कर रहें है तो वह कहते हैं कि मैं श्री राम की भक्ति कर रहा हूं जो सर्वव्यापी हैं. कण-कण में है तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ. जिस कारण वे पृथ्वी में सीता का रूप लेकर जंगल में पहुंची उन्हें पहचान लिया और कहने लगे कि आप भगवान शंकर को छोड़कर कहां आ गयी. इसके बाद माता पार्वती को भी विश्वास हो गया की ईश्वर कण-कण में है और सर्वव्यापी है.
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