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..कोयला तस्करों ने भुचूंगडीह में बना दिया था अंदर ही अंदर मूल खदान, अगलगी से ग्रामीणों में छाया दहशत

Updated at : 21 Apr 2025 7:39 PM (IST)
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..कोयला तस्करों ने भुचूंगडीह में बना दिया था अंदर ही अंदर मूल खदान, अगलगी से ग्रामीणों में छाया दहशत

रजरप्पा थाना क्षेत्र के भुचूंगडीह स्थित जिन सुरंगनुमा खदानों में आग लगी है. यहां पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा था.

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फोटो फाइल : 21 चितरपुर बी – आग की लपटें के साथ निकलता काले धुएं की गुब्बार फोटो फाइल : 21 चितरपुर सी – घटनास्थल पहुंचे डीसी, एसडीओ व अन्य फोटो फाइल : 21 चितरपुर डी – घटनास्थल पर ग्रामीणों से बातचीत करते महाप्रबंधक फोटो फाइल : 21 चितरपुर ई – घटनास्थल से कुछ दूरी पहले ही खड़ा अग्निशमन वाहन फोटो फाइल : 21 चितरपुर एफ – प्रेस वार्ता करते सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल :- आग की भयावह दृश्य देख अधिकारी और ग्रामीण हैरान-परेशान :- शाम तक नहीं शुरू हो पाया आग बूझाने का काम :- घटना स्थल से कुछ दूरी पर है बड़ी आबादी वाला गांव सुरेंद्र कुमार / शंकर पोद्दार रजरप्पा. रजरप्पा थाना क्षेत्र के भुचूंगडीह स्थित जिन सुरंगनुमा खदानों में आग लगी है. यहां पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा था. जिस कारण यहां अंदर ही अंदर मूल खदान का रूप ले लिया था. लोगों का कहना था कि यहां सात-आठ जगह से सुरंग बना कर जमीन के अंदर से कोयले की निकासी की जा रही थी. पिछले कुछ दिनों से इन स्थानों में आग लगी हुई थी. घटना की सूचना मिलने पर सोमवार को जब जिला प्रशासन व सीसीएल के अधिकारियों का टीम यहां पहुंची, तो अधिकारियों को कुछ समझ में नहीं आने लगा कि आग पर काबू कैसे पाया जाये. अधिकारी काफी देर तक हैरान-परेशान दिखे. धुआं की लपटें आसमान में छाने से आस-पास का क्षेत्र प्रदूषित हो गया है. इस संदर्भ में भुचूंगडीह निवासी जगरनाथ महतो ने बताया कि आग लगने की सूचना सीसीएल रजरप्पा प्रबंधन को दी गयी थी. जिसे लेकर सीसीएल प्रबंधन द्वारा 19 अप्रैल को एक टीम को भेजी गयी थी, लेकिन अधिकारी मुआयना कर चले गये. आग बुझाने की कोई पहल नहीं की गयी. जिस कारण यहां लगी आग ने भयावह रूप ले लिया. घटना की सूचना मिलने पर आस-पास क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग इस भयावह दृश्य को देखने के लिए पहुंच गये थे. उधर, लोगों का कहना है कि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर बड़ी आबादी वाला गांव भुचूंगडीह है. आग अंदर ही अंदर इनके घरों तक भी पहुंच सकता है. क्योंकि कोयले का सिम बहुत दूर तक गया हुआ है. घटना स्थल से एक किमी दूरी पर चितरपुर-रजरप्पा मार्ग है. इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग रजरप्पा मंदिर जाते है. साथ ही इन अवैध मुहानों के इर्द गिर्द किसानों के उपजाऊ भूमि है. अगलगी की घटना से ग्रामीणों में दहशत छा गया है. उधर, समाचार भेजे जाने तक आग बुझाने का काम शुरू नहीं हो पाया था. मौके पर रजरप्पा पीओ आर के सिंह, वाशरी पीओ उमेश कुमार, एसओपी मनोज कुमार के अलावा आजसू नेता राजू महतो, जेएलकेएम नेता संतोष महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. कई बार करायी गयी है डोजरिंग बताते चलें कि यहां जिला प्रशासन व सीसीएल प्रबंधन द्वारा कई बार अवैध मुहानों को बंद कराया गया था. लेकिन पुन: दूसरे-तीसरे दिन से रास्ते को खोल कर शुरू कर दी जाती थी और यहां से व्यापक पैमाने पर कोयले की निकासी हो रही थी. हालांकि लोगों का कहना है कि कुछ माह से इन स्थानों से अवैध खनन बंद था. लेकिन यहां आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल पाया है. वन विभाग की भूमि में हो रहा है अवैध खनन : राजीव जायसवाल रामगढ़ जिला के सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल ने अगलगी की घटना को लेकर प्रेस वार्ता किया. उन्होंने कहा कि यहां कोयले की तस्करी की जा रही है. जिला प्रशासन इस पर रोक लगाने में विफल साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर अगलगी की घटना हुई है. यह वन विभाग के क्षेत्र में आता है. वन विभाग में अवैध खनन किया जा रहा था. लेकिन वन विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बना हुआ है. मौके पर चंद्रशेखर चौधरी, रमेश प्रसाद वर्मा, अर्जुन वर्मा सहित कई मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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