भटकते मन को सत्संग ही देता है सच्ची शांति और जीवन का कल्याण : संत असंगदेव

Updated at : 22 Mar 2026 11:01 PM (IST)
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भटकते मन को सत्संग ही देता है सच्ची शांति और जीवन का कल्याण : संत असंगदेव

भटकते मन को सत्संग ही देता है सच्ची शांति और जीवन का कल्याण : संत असंगदेव

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रजरप्पा में नियमित रूप से प्रवचन कार्यक्रम करने की है तैयारी झारखंड में भी आश्रम निर्माण करने की है योजना रजरप्पा. मानव जीवन का मूल उद्देश्य आत्मकल्याण की प्राप्ति है और सत्संग इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण साधन है. आज का मनुष्य सुख और शांति की तलाश में भटक रहा है, लेकिन वह इसके मूल कारणों को समझने का प्रयास नहीं कर रहा. जब तक व्यक्ति ज्ञान प्राप्त कर सत्संग से नहीं जुड़ेगा, तब तक उसे वास्तविक शांति की अनुभूति नहीं हो सकती. उक्त बातें बाल ब्रह्मचारी अंतरराष्ट्रीय संत श्री श्री असंगदेव महाराज जी ने कही. वे अपने तीन दिवसीय झारखंड दौरे के क्रम में साेनाहातू में प्रभात खबर से बातचीत में कही. उन्होंने कहा कि जीवन को सफल और संतुलित बनाने के लिए धैर्य, संतोष और क्रोध पर नियंत्रण बेहद आवश्यक है. ये गुण ही मनुष्य को सही दिशा में आगे बढ़ाते हैं और मानसिक शांति प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि गुरु के भक्ति से ही जीवन में शांति मिलती है और गुरु ही कलयुग में सही मार्ग दिखाते है. कई मामलों में बच्चे अपने ही माता-पिता को वृद्धाश्रम भेज रहे हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक संकेत है. उन्होंने बताया कि उनके छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आश्रम संचालित हैं, जहां लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया जाता है. संत प्रेमियों के सहयोग से रांची जिले के सोनाहातू क्षेत्र के आस-पास जल्द ही आश्रम निर्माण की योजना है. उन्होंने कहा कि झारखंड के रजरप्पा एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और यहां नियमित रूप से प्रवचन आयोजित करने की योजना बनायी जा रही है.

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SAROJ TIWARY

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