रामगढ़. पंजाबी हिंदू बिरादरी ने मंगलवार की शाम को माता वैष्णों देवी मंदिर परिसर में हर्षोल्लास के साथ सांझी लोहड़ी मनायी. लोहड़ी रस्म की शुरुआत लकड़ी जलाकर अग्नि देव की पूजा के साथ हुई. बिरादरी के अध्यक्ष सूरत चंद्र वासुदेव व महासचिव महेश मारवाह समेत कई लोगों ने पूजा अर्चना की. महिला-पुरुषों व बच्चों ने लोहड़ी की अग्नि में काला तिल, चूड़ा, मूंगफली डालकर अग्नि देव की परिक्रमा पूरा किया. हर वर्ष 13 जनवरी को लोहड़ी पर्व
लोहड़ी पर्व की गीत काफी आकर्षक होता है. नई पीढ़ी लोहड़ी को नयी तकनीक के जरिये समझ रहे हैं. वहीं बुजुर्गों की यादों में आज भी गलियों में गूंजती ढोल की थाप और अलाव की गर्माहत जीवित है. पंजाबी हिंदू बिरादरी के महासचिव महेश मारवाह ने बताया कि सांझी लोहड़ी का तात्पर्य सामूहिक लोहड़ी है. पंजाब का यह एक प्राचीन त्योहार है. बिरादरी के जिन सदस्यों के यहां खुशियां होती थी उन परिवारों द्वारा अलग-अलग लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता था. लोहड़ी का त्योहार प्रत्येक वर्ष एक ही समय में प्रत्येक घरों में मनाया जाता है, जिससे खुशियां प्राप्त करने वाले प्रत्येक घरों में पहुंचकर बधाई देना संभव नहीं हो पाता था, इसी वजह से पंजाबी हिंदू बिरादरी रामगढ़ ने 27 वर्षों पूर्व सांझी लोहड़ी की शुरुआत की.
भाईचारगी और संस्कृति को जोड़ने का संदेश
रामगढ़ पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष सूरत चंद्र वासुदेव ने कहा कि लोहड़ी पर्व भाईचारे व संस्कृति को जोड़ने का संदेश देता है. लोहड़ी के कार्यक्रम में अलाव, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पूरे माहौल को खास बना दिया. आज के कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग उत्सव में शामिल हुए. यही लोहड़ी की सबसे बड़ी खूबसूरती है.
मकर संक्रांति पर शहर के बाजारों में तिलकूट, गजक व रेवड़ी की धूम
शहर के लोहार टोला, सुभाष चौक, थाना चौक, प्रखंड मुख्यालय चौक, चट्टी बाजार सहित शहर के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह तिलकूट, गजक व रेवड़ी की दुकानें सजी हुई हैं. दुकानों पर तिल से बनी गजक, गुड़ वाली रेवड़ी, मूंगफली के पैकेट व पॉपकॉर्न बिक रहे हैं. लोहार टोला, पुराना बस पड़ाव से सटे इलाकों में कई दुकानों में सक्रांति के लिये गजक व तिलकुट बनाया जा रहा है. पूरा लोहार टोला तिल की सोंधी खुशबू बिखेर रहा है. बाजार में सादा तिलकुट, चीनी तिलकुट, गुड़ तिलकुट, मूंगफली तिलकुट व ड्राई फ्रुट तिलकुट बिक रहा है.
मेन रोड पुराना बस स्टैंड के दुकानदार प्रवीण कुमार ने बताया कि गुड़ तिलकुट 300 रुपया, चीनी तिलकुट 250 रूपया, तिल लडडू 240 रुपया किलो, बादम चक व बादम चक्की 200 रुपया किलो, खोवा का तिलकुट 400 रुपया किलो बिक रहा है. चूडा 40 से 100 रुपया, गुड़ 55 से 65 रुपया किलो, काला तिल 220 से 280 रुपया बिक रहा है. दुकानों में ग्राहकों की भीड़ लगी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

