प्रदूषण से परेशान हैं मसमोहना गांव के लोग

Updated at : 02 Mar 2025 11:00 PM (IST)
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प्रदूषण से परेशान हैं मसमोहना गांव के लोग

प्रदूषण से परेशान हैं मसमोहना गांव के लोग

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प्रतिनिधि, बरकाकाना पतरातू प्रखंड की पीरी पंचायत स्थित आदिवासी बहुल गांव मसमोहना में रविवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आयोजन में ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं को रखा. ग्रामीण महिलाओं ने गांव को नशामुक्त करने की बात कही. ग्रामीणों ने बताया कि मसमोहना गांव पहाड़ की तलहटी व वन क्षेत्र के समीप बसे होने के बाद भी आस-पास की फैक्ट्रियों ने निकलने वाले प्रदूषण की मार झेल रहा है. प्रदूषण के कारण फसलों व पालतू मवेशियों को नुकसान हो रहा है. खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम होती जा रही है. यहां के रहने वाले लोग भी प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं. सरकार को इस प्रदूषण से निजात दिलाने की दिशा में पहल करना चाहिए. क्या कहती हैं मुखिया : मुखिया नीलम देवी ने बताया कि पंचायत में गर्मी के दिन में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. पंचायत के कई कुएं भी सूख जाते हैं. करोड़ों की लागत से हर घर नल जल योजना की शुरुआत की गयी थी. मसमोहना में पानी टंकी का निर्माण कार्य भी शुरू किया गया था. इस योजना के तहत पीरी, बारीडीह, दुर्गी व कंडेर पंचायत के विभिन्न गांवों के प्रत्येक घर तक नल -जल योजना के तहत पानी पहुंचाना था. पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी मसमोहना में पानी टंकी का निर्माण अधूरा है. पाइप लाइन का काम भी पूरा नहीं हुआ है. संवेदक ने काम बंद कर दिया है. इस योजना को जल्द पूरा कर पानी की व्यवस्था करनी चाहिए. खेती के लिए पंचायत में समुचित संसाधन उपलब्ध नहीं है. जर्जर है विद्यालय का भवन : छात्रा उमा कुमारी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय, मसमोहना का भवन जर्जर हो गया है. छत का प्लास्टर गिरने से कभी भी कोई हादसा हो सकता है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. चुनाव के समय सरकार ने मंईयां सम्मान योजना की किश्त दे दी थी. इसके बाद से योजना का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है. पंचायत में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की संख्या ज्यादा है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था होनी चाहिए. मध्याह्न भोजन का संचालन ठीक नहीं : महिला आशा देवी ने कहा कि बच्चों के बीच मध्याह्न भोजन का संचालन सुचारू रूप से नहीं चल रहा है. आंगनबाड़ी केंद्र भी सेविका के आंगन में संचालित हो रहा है. बच्चों को पोषण आहार सुचारू रूप से नहीं मिल रहा है. सरकार को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. नशे की गिरफ्त में हैं लोग : करनी देवी ने कहा कि गांव के युवा व पुरुष नशा की गिरफ्त में आकर परिवार का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं. प्रशासन को इस पर पूर्णत: रोक लगानी चाहिए. सरना स्थल पर पूरी व्यवस्था हो : बसंती देवी ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र है. लोगों की आस्था का केंद्र सरना स्थल है. सरना स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करनी चाहिए. बाबूलाल बेदिया ने कहा कि गांव में पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई जगहों पर गार्डवाल नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. सड़क का किनारा धंसने की स्थिति में है. इस पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए. बुजुर्गों का फिंगर प्रिंट मैच करने में हो रही है पेरशानी : घाना बेदिया ने कहा कि सरकार द्वारा राशन कार्ड अपडेट करने के लिए केवाइसी कराया जा रहा है. केवाइसी में फिंगर प्रिंट लिया जा रहा है, लेकिन बुजुर्गों का फिंगर प्रिंट मैच करने में पेरशानी हो रही है. कई बुजुर्गों का फिंगर प्रिंट मैच नहीं हो रहा है. डीलर ने फिंगर प्रिंट मैच नहीं होने पर राशन मिलने में परेशानी होनी की बात कही है.

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