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झारखंड के कुजू कोयलांचल में योग की अलख जगा रहे हैं महेश धोबी व ददन प्रसाद

झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत कोयलांचल कुजू में महेश धोबी व ददन प्रसाद योग शिक्षक के रूप में लोगों को योग की शिक्षा दे रहे हैं. योग शिविर का आयोजन कर योग व प्राणायाम से होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं. श्री धोबी वर्ष 2009 से पतंजलि योग समिति से जुड़कर लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं. योग शिक्षक श्री प्रसाद वर्ष 1995 से योग से जुड़े हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk
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लोगों को योग सिखाने के लिए योग शिविर का आयोजन करते हैं दोनों योग गुरु.
लोगों को योग सिखाने के लिए योग शिविर का आयोजन करते हैं दोनों योग गुरु.
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कुजू (धनेश्वर प्रसाद) : झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत कोयलांचल कुजू में महेश धोबी व ददन प्रसाद योग शिक्षक के रूप में लोगों को योग की शिक्षा दे रहे हैं. योग शिविर का आयोजन कर योग व प्राणायाम से होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं. श्री धोबी वर्ष 2009 से पतंजलि योग समिति से जुड़कर लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं. योग शिक्षक श्री प्रसाद वर्ष 1995 से योग से जुड़े हैं.

वर्ष 2014 से पतंजलि योग समिति से जुड़कर क्षेत्र में नौजवानों व बुजुर्गों के लिए योग शिविर का आयोजन करते हैं और योग के गुर सिखा रहे हैं. इन दोनों को योग प्रशिक्षक के रूप में कई प्रशस्ति पत्र मिल चुका है. दोनों योग शिक्षकों ने बताया कि प्राणायाम से अपने अंदर प्राण ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं. इससे शरीर के अंदर नाभि, दिल और दिमाग में स्थित वायु सभी अंगों को संचालित रखना. प्राणों को ठीक-ठीक गति और आयाम देना ही प्राणायाम है.

योग शिक्षकों का कहना है कि सावधानी के साथ इसका नियमित अभ्यास करना चाहिए. प्रतिदिन सुबह भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उदगीत, उज्जयी प्राणायाम करने से शरीर के सभी अंगों को बल मिलता है. इससे हमारे शरीर को कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ होता है.

योग शिक्षकों ने बताया कि प्राणायाम से एकाग्रता बढ़ती है. हमारे शरीर का संपूर्ण विकास होता है. फेफड़ों में अधिक मात्रा में शुद्ध हवा जाने से शरीर स्वस्थ रहता है. मानसिक विकास भी होता है. मन को एकाग्र रखने में मदद मिलती है. इससे हमारा मन नियंत्रित होता है. प्राणायाम से सांस संबंधी रोग तथा अन्य बीमारियां दूर हो जाती हैं.

उन्होंने बताया कि योगासन एवं सूर्य नमस्कार से रोधक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है तथा शुगर के रोगियों के लिए लाभदायक है. सर्वांगासन से शरीर के सभी रोगों से मुक्ति मिलता है, जबकि वज्रासान से पाचन क्रिया मजबूत होती है. मरकटासन व भुजंगासन से कमर दर्द ठीक होता है. गोमुखासन करने से बढ़ा हुआ हाइड्रोसिल कम होता है. इससे मधुमेह के रोगियों को लाभ मिलता है.

Posted By : Mithilesh Jha

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