सीसीएल कुजू वित्तीय वर्ष में मिले लक्ष्य को हासिल करने में पिछड़ा

Updated at : 03 Apr 2026 10:18 PM (IST)
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सीसीएल कुजू वित्तीय वर्ष में मिले लक्ष्य को हासिल करने में पिछड़ा

सीसीएल कुजू वित्तीय वर्ष में मिले लक्ष्य को हासिल करने में पिछड़ा

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कुजू. सीसीएल कुजू वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिले लक्ष्य का मात्र 75 प्रतिशत ही हासिल करने में सफल रहा. वर्ष 2025-26 में सीसीएल कुजू क्षेत्र को कोयला उत्पादन के लिए 26 लाख 90 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था. इसमें 20 लाख 11 हजार 325 मीट्रिक टन कोयला ही उत्पादन करने में सफल रही. ओबीआर में 2025-26 में 55 लाख क्यूबिक मीटर निकालने का लक्ष्य मिला था. इसमें क्षेत्र ने 31 लाख 19 हजार 432 क्यूबिक मीटर ही निकाल सका. मुख्यालय ने कुजू क्षेत्र को 2026-27 के लिए कोयला उत्पादन में 22 लाख टन मीट्रिक टन दिया है. ओबीआर में 45 लाख क्यूबिक मीटर दिया गया है. इस बार तोपा परियोजना ने मिले लक्ष्य से अधिक उत्पादन कर इतिहास रचने का काम किया है. तोपा परियोजना को कोयला उत्पादन में आठ लाख टन का लक्ष्य मिला था. इसमें से परियोजना ने 10 लाख 8 हजार 125 मीट्रिक टन कोयला उत्पादन लक्ष्य से काफी बेहतर प्रदर्शन किया. इधर, सीसीएल कुजू क्षेत्र 2025-26 में डिस्पैच करने में भी इस बार पीछे रह गया. सीसीएल कुजू क्षेत्र को 26 लाख 90 टन कोयला डिस्पैच करने का लक्ष्य मिला था. इसमें वह सिर्फ 18 लाख 70 हजार 593 टन ही कोयला डिस्पैच कर पाया. करमा व सारूबेड़ा परियोजना 2025-26 में मिले लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल रहा. करमा परियोजना को 11 लाख 90 हजार टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य मिला था. इसमें से वह 8 लाख 18 हजार 500 टन ही कोयला उत्पादन कर पाया. करमा परियोजना को ओबीआर में मिले 20 लाख क्यूबिक मीटर में 11 लाख 51 हजार 294 निकाल सका. डिस्पैप में मिले 11 लाख 90 हजार में मात्र 7 लाख 90 हजार 572 ही कर पाया. सारूबेड़ा परियोजना को मिले पांच लाख टन कोयला उत्पादन में मात्र एक लाख 92 हजार 700 ही किया. ओबीआर में 10 लाख क्यूबिक मीटर लक्ष्य था. इसमें तीन लाख 87 हजार 295 ही निकाल पाया. डिस्पैच में परियोजना को पांच लाख का लक्ष्य मिला था. इसमें से दो लाख 24 हजार 795 ही कर पाया. दोनों परियोजना का लक्ष्य हासिल नहीं करने का मुख्य कारण मशीन की कमी के साथ कॉन्ट्रैक्टर की समस्या रही. कुजू क्षेत्र की सात परियोजनाओं में पिंडरा, पुंडी, कुजू व आरा परियोजना बंद है. करमा, तोपा और सारूबेड़ा चालू है.

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