गोवर्धन लीला अहंकार त्यागने और प्रकृति के सम्मान की प्रेरणा देती है : अजय कृष्ण शास्त्री

Author Raj Kumar|Edited by Kumarvishwat Sen
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फोटो     गोवर्धन लीला अहंकार त्यागने और प्रकृति के सम्मान की प्रेरणा देती है : अजय कृष्ण शास्त्री

फोटो फाइल : 11गोला,05- कार्यक्रम में मौजूद लोग | Prabhat Khabar Network

श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री ने कहा कि गोवर्धन लीला हमें अहंकार त्यागने, प्रकृति का सम्मान करने और गौसेवा की प्रेरणा देती है।

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गोला : चित्तरंजन सेवा सदन परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शनिवार को श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे.

संध्या में कथावाचक आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि यह प्रसंग मानव को अहंकार त्यागने, प्रकृति का सम्मान करने, गौसेवा करने तथा ईश्वर पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देता है.

उन्होंने बताया कि जब देवराज इंद्र ने अपने अहंकार में ब्रजभूमि पर मूसलाधार वर्षा कराई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों और गौवंश की रक्षा की.

इस दौरान धनंजय दास, मोहित कुमार एवं आकाश की भजन प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. इससे पूर्व यजमान कुंवर कुमार बक्सी एवं उनकी पत्नी ने पूजा-अर्चना की. चित्तरंजन सेवा सदन की संचालिका वंदना अम्बष्ट ने बताया कि मंदिर स्थापना के दस वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन स्व डॉ अजीत कुमार की प्रेरणा और संकल्प के अनुरूप किया जा रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में मौजूद थे.


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