मांडू. जिला उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मांडू का निरीक्षण किया. इस दौरान डीडीसी ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड और नेत्र चिकित्सा केंद्र को बंद पाया. इसके बाद वह डेंटल क्लिनिक पहुंचे. यहां भी कई कमियां पायी गयी. उन्होंने चिकित्सकों को फटकार लगायी. मरीज से बातचीत में पता चला कि उसके बच्चे का ब्लड टेस्ट कराया गया है. इसके लिए 90 रुपये लिये गये थे, लेकिन रसीद नहीं दी गयी. इस पर डीडीसी भड़क गये और स्वास्थ्य पर्ची बना रहे स्वास्थ्य कर्मी सहित प्रभारी चिकित्सक को फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि बिना रसीद पैसे की वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. डीडीसी ने नेत्र चिकित्सा, दंत चिकित्सा सहित सभी स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित रखने, एंबुलेंस सेवा को सक्रिय बनाने और मरीजों को पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. डीडीसी ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. चिकित्सा प्रभारी डॉ रश्मि रोमिला सांगा को सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने की बात कहते हुए फटकार लगायी. उन्होंने चिकित्सा प्रभारी को चेतावनी दी. कहा कि एक सप्ताह बाद वह फिर निरीक्षण करेंगे. यदि सुधार नहीं दिखा, तो विभागीय कार्रवाई की जायेगी. कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का भी निरीक्षण किया. उन्होंने विद्यालय में चल रहे ऑनलाइन फिलो क्लास की जानकारी ली. वार्डेन को छात्राओं की सुविधा व सुरक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार मिश्रा, डॉ धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

