चितरपुर में 44 हाथियों का आतंक! वीडियो बनाने करीब पहुंचे लोग, स्कूल तक कराना पड़ा बंद

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फोटो फाइल : हाथियों के समीप से गुजरता आद्रा - बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन | Prabhat Khabar Network

रामगढ़ के बड़कीपोना गांव में 44 हाथियों के झुंड ने मचाया तांडव, हमले में दो महिलाओं की मौत. वन विभाग ने लोगों को हाथियों से दूर रहने की दी सख्त चेतावनी.

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चितरपुर. रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़कीपोना व आसपास के क्षेत्र में कुल 44 हाथियों का ग्रुप विचरण कर रहा है. इनमें 10 हाथियों का एक झुंड शावकों के साथ रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे मौजूद है, जबकि 34 हाथी हुटुकदाग जंगल में वापस चले गये हैं. वन विभाग की एलिफेंट क्यूआरटी टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और हाथियों को घनी आबादी वाले क्षेत्रों से दूर जंगल की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है. वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि हाथियों को किसी भी परिस्थिति में न छेड़ें, उनके आसपास भीड़ न लगायें और फोटो या वीडियोग्राफी के लिए उनके करीब न जाये. हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है.

वीडियो बनाने के लिए हाथियों के करीब पहुंचे लोग : रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़कीपोना गांव में सोमवार को हाथियों के झुंड के रेलवे ओवरब्रिज के समीप झाड़ियों में मौजूद रहने के दौरान कई युवा और ग्रामीण मोबाइल से वीडियो बनाने के लिए हाथियों के काफी करीब पहुंचते नजर आये. पुलिस और वन विभाग की ओर से लगातार चेतावनी दिये जाने के बावजूद लोग जोखिम उठाते रहे. अधिकारियों ने कहा कि शावकों के साथ मौजूद हाथी अचानक आक्रामक हो सकते हैं और उनके करीब जाना जानलेवा साबित हो सकता है. हाथियों के ठिकाने के समीप से आद्रा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन भी गुजरी. इस दौरान रेलवे लाइन और आसपास के क्षेत्र में भी सतर्कता बरती गयी.

सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल को कराया बंद: घटना की सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना के एसआई संजय कुमार रजक तथा वन विभाग के रेंजर बटेश्वर पासवान, फॉरेस्टर यशवंत कुमार, लोकनाथ कुमार, प्रधान वनरक्षी शंकर उरांव और लिपिक रामगढ़ विक्रम कुमार मौके पर पहुंचे. पंचायत के मुखिया अरविंद सिंह, आजसू के केंद्रीय सचिव अमृतलाल मुंडा, समाजसेवी मुकेश पसाद समेत अन्य लोग भी घटनास्थल पर मौजूद रहे. पुलिस, वन विभाग की टीम और मुखिया ने एनाउंसमेंट कर लोगों को हाथियों के पास नहीं जाने की चेतावनी दी. सुरक्षा के मद्देनजर उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़कीपोना को बंद करा दिया गया, ताकि बच्चों को किसी तरह का खतरा न हो.

दोनों मृतिका के आश्रितों को मिला मुआवजा : दोनों महिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. वन विभाग की ओर से दोनों मृतिकाओं के आश्रितों को तत्काल एक-एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गयी. विभाग ने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार शेष मुआवजा राशि भी दी जायेगी. घटना के बाद ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र में हाथियों के लगातार पहुंचने पर चिंता जतायी है. लोगों ने वन विभाग से हाथियों की लगातार निगरानी करने और उन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखने की मांग की है. मौके पर मुखिया अरविंद सिंह, आजसू नेता अमृतलाल मुंडा, मुकेश प्रसाद, संतोष चौधरी, मदन पासवान, प्रदीप कुमार, परवेज आलम, पिंटू कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.


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शंकर चंद्र पोद्दार

लेखक के बारे में

By शंकर चंद्र पोद्दार

शंकर चंद्र पोद्दार को प्रिंट एवं डिजिटल पत्रकारिता में विशेष रुचि है. वह राजनीति, समाज, शिक्षा तथा क्षेत्रीय घटनाओं और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. पिछले लगभग 12 वर्षों से प्रभात खबर के साथ जुड़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. उनका उद्देश्य जनसरोकार के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हुए समाज और प्रशासन के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करना है.

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