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...कृषि यांत्रिकी मेले में ड्रोन तकनीक बना आकर्षण

Updated at : 02 Feb 2026 7:29 PM (IST)
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...कृषि यांत्रिकी मेले में ड्रोन तकनीक बना आकर्षण

कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना अंतर्गत किसानों के सशक्तीकरण के लिए दो दिवसीय कृषि यांत्रिकी मेले का भव्य आयोजन किया गया

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मांडू.कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना अंतर्गत किसानों के सशक्तीकरण के लिए दो दिवसीय कृषि यांत्रिकी मेले का भव्य आयोजन किया गया. इस मेले का नेतृत्व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनूप दास ने किया. कार्यक्रम का उदघाटन विधायक निर्मल महतो ने किया. उदघाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत, वंदे मातरम गायन और कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ. मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक और नवीन कृषि उपकरणों से जोड़ना था ताकि श्रमभार कम हो और आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके. प्रमुख आकर्षण कृषि ड्रोन द्वारा कीटनाशी छिड़काव का सजीव प्रदर्शन रहा, जिसे महिला किसानों ने विशेष उत्साह से देखा. आईसीएआर पटना के डॉ. पवन जीत और कृषि प्रणाली अनुसंधान केंद्र, प्लांडू के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संतोष माली ने ड्रोन तकनीक से सटीक छिड़काव, लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी. शारीरिक श्रम से मुक्त होकर कृषि निर्णयों में सशक्त भूमिका निभा सकेंगी मुख्य अतिथि विधायक निर्मल महतो ने महिला-केंद्रित तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इससे महिलाएं शारीरिक श्रम से मुक्त होकर कृषि निर्णयों में सशक्त भूमिका निभा सकेंगी. केवीके, रामगढ़ के प्रधान ने बताया कि केंद्र महिला-अनुकूल कृषि यंत्रों और नवीन तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है. विशिष्ट अतिथि डॉ. विशाल नाथ ने कृषि ड्रोन को भविष्य की खेती की रीढ़ बताया, वहीं डॉ. अवनि कुमार सिंह ने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए हल्के एवं सस्ते यंत्रों की आवश्यकता पर जोर दिया. मेले में जीरो टिलेज मशीन, हैप्पी सीडर, रोटावेटर, मल्चर, रीपर और आलू खुदाई यंत्र सहित कई आधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए. महिला किसानों के लिए विशेष तकनीकी सत्र, कृषक-वैज्ञानिक संवाद और समस्या समाधान सत्र आयोजित हुए. सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आदिवासी नृत्य और पारंपरिक गीतों ने मेले को जीवंत बना दिया. इस आयोजन में 450 से अधिक अनुसूचित जाति किसान शामिल हुए, जिनमें 335 महिला किसान थीं. मंच संचालन डॉ. इंद्रजीत ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुधांशु शेखर ने प्रस्तुत किया.

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

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