कुड़मी समाज की पहचान के लिए हर बलिदान देने को तैयार : चंद्रप्रकाश

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कुड़मी समाज की पहचान के लिए हर बलिदान देने को तैयार : चंद्रप्रकाश

कुड़मी समाज की पहचान के लिए हर बलिदान देने को तैयार : चंद्रप्रकाश

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:::जगेसर विहार रेलवे स्टेशन पर रेल टेका डहर छेका आंदोलन चैनपुर. जगेश्वर विहार रेलवे स्टेशन में आयोजित रेल टेका डहर छेका आंदोलन में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि सड़क से लेकर सदन तक कुड़मी की पहचान और अस्तित्व के लिए हमलोग हर बलिदान देने को तैयार हैं. आंदोलन में शामिल लाखों कुड़मियों की संख्या बता रही है कि हम मंजिल की ओर अग्रसर हैं. दशकों से चल रहा कुड़मी आंदोलन अब चरम पर है. कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने व विकास के लिए यदि आंदोलन भी करना पड़े, तो हम पीछे नहीं हटेंगे. गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि 1931 की जनगणना तक कुड़मी जाति अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में थी. बाद में चालाकी से कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति से अलग कर अत्यंत पिछड़े वर्ग की सूची में शामिल कर दिया गया. उन्होंने कुड़मी सरना धर्म कोड का भी समर्थन किया. इस अवसर पर पूजा कुमारी, उपप्रमुख अनिल महतो, गिरिधारी महतो, आरकेश्वर महतो, इंद्रनाथ महतो, कजरू महतो, केदारनाथ महतो, द्वारिका महतो, दीपक पटेल, गौतम कुमार उर्फ देवा, रामसुंदर महतो, पंकज चौधरी, सत्यपाल महतो, विजय कुमार, पंचदेव महतो, मदनलाल महतो, प्रमोद महतो, किशुन महतो, नारायण महतो, काशीनाथ महतो, भुनेश्वर महतो, प्रेमचंद महतो, पचू महतो मौजूद थे.

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Saroj Tiwary

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