बीएमएल मजदूरों व श्रम अधीक्षक के साथ वार्ता विफल, मजदूरों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Updated:
विज्ञापन
बीएमएल मजदूरों व श्रम अधीक्षक के साथ वार्ता विफल, मजदूरों ने दी आंदोलन की चेतावनी

बीएमएल मजदूरों व श्रम अधीक्षक के साथ वार्ता विफल, मजदूरों ने दी आंदोलन की चेतावनी

विज्ञापन

गोला. कमता स्थित ब्रह्मपुत्र मैटेलिक प्राइवेट लिमिटेड (बीएमएल) से निकाले गये मजदूरों को लेकर गत 25 सितंबर को श्रम अधीक्षक कार्यालय रामगढ़ में त्रिपक्षीय वार्ता हुई. फैक्ट्री प्रबंधन के रवैये के कारण बैठक बेनतीजा रही. इससे नाराज मजदूरों ने आंदोलन की चेतावनी दी है. बैठक में शामिल जेएलकेएम केंद्रीय महासचिव संतोष चौधरी ने बताया कि श्रम अधीक्षक ने फैक्ट्री प्रबंधन से पूछा कि मजदूरों को किस आधार पर निकाला गया है. सरकार की गाइडलाइन का पालन और मजदूरों की बकाया मजदूरी भुगतान पर भी जवाब मांगा गया. प्रबंधन ने मजदूरी भुगतान लंबित रहने की बात स्वीकार की. इस पर श्रम अधीक्षक ने निर्देश दिया कि फैक्ट्री संचालन सरकार द्वारा तय नियमों के अनुरूप होना चाहिए. श्रम अधीक्षक के निर्देशों की अनदेखी करते हुए फैक्ट्री प्रबंधन बैठक बीच में ही छोड़ कर चला गया. मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें कार्य पर पुनः नहीं रखा गया, तो शीघ्र ही आंदोलन शुरू किया जायेगा. जेएलकेएम केंद्रीय महासचिव श्री चौधरी ने कहा कि मजदूरों के हक में किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. प्रबंधन को मजदूरों की पुनः बहाली करनी होगी, अन्यथा संघर्ष तेज होगा. इस संबंध में श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन एवं मजदूरों के साथ वार्ता के लिए बुलाया गया था. दोनों के बीच में सहमति नहीं बन पायी. वार्ता के लिए दोबारा बैठक बुलायी जायेगी. वार्ता में बरियातू पंचायत मुखिया राजकुमार साव, आदित्य कुमार महतो, शैलेश प्रसाद, जितेंद्र पाठक, विजय प्रसाद मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Saroj Tiwary

लेखक के बारे में

By Saroj Tiwary

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola