छावनी परिषद क्षेत्र में भवनों की ऊंचाई बढ़ेगी

Updated at : 23 Aug 2016 12:10 AM (IST)
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छावनी परिषद क्षेत्र में भवनों की ऊंचाई बढ़ेगी

कमांड से बिल्डिंग बाइलॉज बनाने का दिया गया निर्देश छावनी परिषद क्षेत्र के नागरिकों की पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में कार्य प्रारंभ कमांड से मिले दिशा-निर्देश के अनुसार बिल्डिंग बाइलॉज बना बोर्ड से पारित कर मंजूरी के लिए भेजना होगा कमांड नीरज अमिताभ रामगढ़ : छावनी परिषद क्षेत्र के निवासियों की वर्षों पुरानी […]

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कमांड से बिल्डिंग बाइलॉज बनाने का दिया गया निर्देश
छावनी परिषद क्षेत्र के नागरिकों की पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में कार्य प्रारंभ
कमांड से मिले दिशा-निर्देश के अनुसार बिल्डिंग बाइलॉज बना बोर्ड से पारित कर मंजूरी के लिए भेजना होगा कमांड
नीरज अमिताभ
रामगढ़ : छावनी परिषद क्षेत्र के निवासियों की वर्षों पुरानी एक मांग के पूरा होने की दिशा में रक्षा मंत्रालय द्वारा कदम बढ़ाया गया है. छावनी परिषद क्षेत्र में जी+वन (ग्राउंड फ्लोर+फर्स्ट फ्लोर)का नक्शा पारित होता है तथा ग्राउंड फ्लोर व प्रथम तल्ला का ही निर्माण किया जा सकता है.
साथ ही छावनी परिषद क्षेत्र में बेसमेंट निर्माण पर रोक है. लोगों की लंबे समय से मांग थी कि भवनों की ऊंचाई बढ़ाई जाये. इस दिशा में कई बार छावनी परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित कर मंजूरी के लिए लखनऊ कमांड को भेजा गया था. अब इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ की गयी है. इस दिशा में रक्षा मंत्रालय की ओर से दिशा-निर्देश भेजा गया है.
दिशा-निर्देश के अनुसार नया बिल्डिंग बाइलॉज (भवन निर्माण नियमावली) तैयार कर छावनी परिषद की बैठक में पारित कर उसे मंजूरी के लिए कमांड व रक्षा मंत्रालय को भेजा जायेगा. रक्षा मंत्रालय द्वारा भेजे गये दिशा-निर्देशों की कॉपी परिषद के निर्वाचित सदस्यों को उपलब्ध करा दी गयी है.
बिल्डिंग बाइलॉज तैयार करने के लिए जो दिशा-निर्देश दिये गये हैं. उसके अनुसार ग्राउंड फ्लोर (जमीन तल्ला) के अलावे दो तल्ले का निर्माण किया जा सकेगा. भवनों की अधिकत्तम ऊंचाई 15 मीटर तक हो सकेगी. इसके एवज में जमीन के अनुपात में खुला क्षेत्र छोड़ना होगा. भवनों में ग्राउंड फ्लोर के उपर किसी भी कीमत पर दो फ्लोर से अधिक निर्माण नहीं होगा.
बेसमेंट का नहीं कर सकेंगे व्यवसायिक उपयोग
जो दिशा-निर्देश नये बिल्डिंग बाइलॉज के निर्माण के लिए दिये गये हैं उसमें बेसमेंट निर्माण को मंजूरी दी गयी है. लेकिर बेसमेंट के व्यवसायिक व आवासीय उपयोग पर सख्ती से रोक लगायी जायेगी. एक भवन में एक बेसमेंट वह भी एक तल्ले का ही रहेगा. जिसका उपयोग पार्किंग, स्टोरेज व घरेलू साफ-सफाई के सामानों को रखने के लिए किया जा सकेगा.
एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत भवन निर्माण पर अलग नियम होंगे लागू
सैन्य क्षेत्र से सटे भवन निर्माण के लिए एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत नियम लागू होंगे. इसके तहत सैन्य क्षेत्र से एक सीमा तक सटे क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए ऊंचाई, तल्ला आदि एक्ट के तहत बनाये जा सकेंगे.
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