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अस्तित्व खो रहा सतबरवा का ट्रेनिंग काॅलेज

Updated at : 03 Jun 2024 9:49 PM (IST)
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अस्तित्व खो रहा सतबरवा का ट्रेनिंग काॅलेज

कभी हुआ करता था पलामू प्रमंडल का गौरव, अब भवन खंडहर में तब्दील

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सतबरवा. कभी प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय पलामू प्रमंडल के लिए गौरव माना जाता था. महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थियों से सतबरवा की रौनक हुआ करती थी. इस महाविद्यालय में एकीकृत बिहार के दरभंगा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, पटना, गया जैसे कई शहरों के लोग प्रशिक्षण लेने आते थे. लेकिन आज महाविद्यालय का अस्तित्व समाप्त होने को है. भवन खंडहर में तब्दील हो गया है. इस महाविद्यालय के कार्यरत कर्मी बुनियादी विद्यालय सतबरवा के एक छोटे से कमरे में सिमट कर रह गये हैं. महाविद्यालय के दो छात्रावास में एक पर वर्षों से एफसीआइ का कब्जा है. वहीं दूसरे छात्रावास जिसमें प्रशिक्षणार्थी रहा करते थे, उसकी स्थिति बदतर है. सरकार के आदेश के बाद वर्ष 2021 से नामांकन बंद है. इस महाविद्यालय के पास 27 एकड़ जमीन थी. लेकिन लगभग 10 एकड़ जमीन पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, प्रखंड सह अंचल कार्यालय, सतबरवा थाना, पेंशनर भवन तथा जल जीवन मिशन के तहत जल मीनार का निर्माण हो चुका है. बताया जाता है कि इन संस्थान के भवन निर्माण के दौरान किसी ने एनओसी लेना भी उचित नहीं समझा. वहीं सरकार तथा विभागीय उदासीनता के कारण महाविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है. विभाग के लोग बताते हैं कि भवन की जर्जर हालत व नये भवन के निर्माण के लिए शिक्षा सचिव से लेकर जिला के पदाधिकारी व राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया है. लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखायी. वैसे तो महाविद्यालय के लिए 21 पद सृजित है, जिसमें एक प्राचार्य, दो क्लर्क, 13 व्याख्याता व पांच आदेशपाल का पद शामिल है. फिलहाल महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य अमृता सिंह हैं, जो पांकी प्रखंड क्षेत्र की एरिया अफसर हैं. 21 पदों में से मात्र एक पर क्लर्क शीतल कुमार पदस्थापित हैं. 90 के दशक में यह महाविद्यालय प्रशिक्षणार्थियों से गुलजार रहता था. भवन की सजावट भी देखते बनती थी. संस्थान को खत्म करने पर तुली है सरकार भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश सिंह चेरो कहते हैं कि टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज पलामू प्रमंडल का नाज है. ऐसे संस्थान को सरकार और विभाग खत्म करने पर तुले हैं. इसे बचाने के लिए आंदोलन भी किया जायेगा. जिला परिषद की बैठक में उठायेंगे मामला वहीं प्रखंड प्रमुख रीमा देवी ने कहा कि सरकार व विभागीय लापरवाही के कारण संस्थान के भवन की स्थिति काफी जर्जर हो गयी है. इसे सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए. जिला परिषद की आगामी बैठक में भवन निर्माण का मामला उठाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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