ePaper

हाइवा के आतंक से जर्जर हुई पलामू की सड़क, आवागमन दूभर

Updated at : 11 Jun 2025 10:47 PM (IST)
विज्ञापन
हाइवा के आतंक से जर्जर हुई पलामू की सड़क, आवागमन दूभर

हाइवा के आतंक से जर्जर हुई पलामू की सड़क

विज्ञापन

प्रतिनिधि, नौडीहा बाजार नौडीहा बाजार प्रखंड क्षेत्र में डुमरी कैंप से खरडीहा, सरइडीह, बिसफुटा मोड़ तक जाने वाली करीब नौ किलोमीटर लंबी सड़क भारी वाहनों (हाइवा) के अत्यधिक परिचालन के कारण पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. यह सड़क जो कभी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी थी, अब पूरी तरह से धूल और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गयी है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन दूभर हो गया है. ओवरलोड हाइवा और धूल का गुब्बारा ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कई माइंस होने के कारण दिन-रात ओवरलोड हाइवा का परिचालन होता रहता है. इन भारी वाहनों के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगता है. माइंस संचालकों द्वारा सड़क पर बिछाये गये पत्थर और गिट्टी मेंटल से वाहन गुजरने पर भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे न केवल आवागमन में परेशानी होती है. बल्कि आसपास रहने वाले लोगों का जीवन भी मुश्किल हो गया है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का मिटा नामोनिशान ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डुमरी कैंप से झारहा, बलरा के बिसफुटा होते हुए सराइडीह तक बनायी गयी थी. दुखद बात यह है कि मात्र पांच साल में ही इस सड़क का नामोनिशान मिट गया है. यह सड़क खैरदोहर, सरइडीह, जमुआ, खरडीहा और तरीडीह पंचायत के रसीदा, लकडाही, बलारा, झारहा, डुमरी जैसे कई महत्वपूर्ण गांवों को प्रखंड और जिला मुख्यालय से जोड़ती है. बरसात में नारकीय स्थिति और बच्चों की शिक्षा पर असर योगेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे साइकिल और बाइक से चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. सबसे गंभीर समस्या स्कूली बच्चों के लिए है, क्योंकि उनके स्कूल वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं. इस कारण कई बच्चे स्कूल जाने से भी वंचित हो जाते हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है. ग्रामीण संदीप कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण के कार्यकाल की अवधि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा इसके पुनर्निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की है, ताकि उनका दैनिक जीवन सामान्य हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK

लेखक के बारे में

By DEEPAK

DEEPAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola