शेरघाटी से कजरी तक बिछेगी नई रेल लाइन, 2,627.29 करोड़ की परियोजना को रेलवे बोर्ड की मंजूरी
दूर-दराज के इलाकों को मिलेगा रेल संपर्क
पलामू और गयाजी के बीच 108 किमी लंबी नई रेल लाइन को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिली. 2627 करोड़ की इस परियोजना से झारखंड-बिहार के बीच आवागमन आसान होगा.
निखिल सिन्हा की रिपोर्ट
पलामूः जिले की लंबे समय से प्रतीक्षित शेरघाटी-कजरी नई रेल लाइन परियोजना को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद छतरपुर, नौडीहा बाजार और आसपास के इलाकों में विकास की उम्मीद जगी है. गया जी जिले के शेरघाटी से पलामू जिले के कजरी तक प्रस्तावित 107.894 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के निर्माण के लिए रेलवे बोर्ड ने 2,627.29 करोड़ रुपए के विस्तृत प्राक्कलन को स्वीकृति दी है.
दूर-दराज के इलाकों को मिलेगा रेल संपर्क
यह रेल परियोजना छतरपुर, नौडीहा बाजार के जंगल, पहाड़ी और सुदूरवर्ती इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इन क्षेत्रों में आज भी सड़क सुविधा बेहतर नहीं है और रेल संपर्क लोगों की पहुंच से दूर है. प्रस्तावित रेलखंड से गया जी जिले के शेरघाटी, इमामगंज और डुमरिया के साथ झारखंड के नौडीहा, छतरपुर, डाली, पंडवा और आसपास के क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी. रेल संपर्क मिलने से झारखंड और बिहार के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है.
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पिछले 18 साल तक अटका रहा मामला
कजरी-शेरघाटी रेल परियोजना का इतिहास करीब 18 साल पुराना है. वर्ष 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गया जी जिले के शेरघाटी हाई स्कूल मैदान में परियोजना की आधारशिला रखी थी. उस समय परियोजना की डीपीआर तैयार की गई थी और कई स्थानों पर पिलर भी गाड़े गए थे. इसके बावजूद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और क्षेत्र के लोग रेल लाइन के निर्माण का इंतजार करते रहे.
लेकिन अब शिलान्यास के 18 वर्षों के बाद अब रेलवे बोर्ड ने परियोजना के विस्तृत प्राक्कलन को मंजूरी दी है. इससे वर्षों से अटकी परियोजना के धरातल पर आने की उम्मीद बढ़ी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रेल लाइन पलामू के पिछड़े और दुर्गम इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
सांसद के प्रयासों को मिली सफलता
परियोजना की स्वीकृति में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम के लगातार प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सांसद ने इसे पलामू संसदीय क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है. उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन परियोजना की मांग लंबे समय से की जा रही थी. लगातार प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी है. सांसद ने कहा कि पलामू संसदीय क्षेत्र के अति सुदूरवर्ती और जंगली इलाकों के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है.
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व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
नई रेल लाइन बनने से छतरपुर, नौडीहा बाजार और आसपास के बाजारों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. रेल संपर्क बेहतर होने से माल की आवाजाही आसान होगी और दूर-दराज के बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी. इससे व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर भी बढ़ने की संभावना है.
बेहतर रेल संपर्क से मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचने में सुविधा होगी. वहीं, कृषि उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाना भी आसान हो सकता है. जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. अन्य साधनों की तुलना में ट्रेन से सफर का खर्च कम होने से लोगों के समय और पैसे की बचत होगी. इससे जिला मुख्यालय और बिहार के अन्य क्षेत्रों तक आवागमन भी सुगम हो सकेगा.
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समय पर काम शुरू होने का इंतजार
शेरघाटी-कजरी रेल परियोजना को मिली मंजूरी ने क्षेत्रवासियों के लंबे इंतजार को एक बार फिर उम्मीद में बदल दिया है. अब लोगों की नजर परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया और धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होने पर है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो छतरपुर समेत पूरे दक्षिणी पलामू और गया जी के बीच सामाजिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी.
व्यापारियों में खुशी का माहौल
छतरपुर के व्यवसायी झुन्ना जायसवाल ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के कारोबारियों के लिए रेलवे कनेक्टिविटी मिल का पत्थर साबित होगी. राज्य के अन्य शहरों से रेलवे के जरिए जुड़ने से माल के आवागमन में सुविधा होगी. साथ ही ढुलाई का भाड़ा कम होने की उम्मीद है, जिसका असर बाजार में सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है. नौडीहा बाजार के व्यवसायी अमरेश श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे लाइन से जुड़ने पर नौडीहा बाजार के व्यापार को कई फायदे मिलेंगे. बिहार के गया जी और पटना से सामग्री बस या अन्य साधनों से मंगाने पर अधिक भाड़ा लगता है, जिससे सामान की कीमत बढ़ जाती है. रेलवे कनेक्टिविटी मिलने से माल ढुलाई आसान और कम खर्चीली होगी तथा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.
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