पलामू-गढ़वा में बाढ़ की आशंका से सहमे ग्रामीण, तेजी से बढ़ रहा है सोन का जलस्तर

Updated at : 21 Aug 2020 8:38 PM (IST)
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पलामू-गढ़वा में बाढ़ की आशंका से सहमे ग्रामीण, तेजी से बढ़ रहा है सोन का जलस्तर

flood like situation in palamu and garhwa districts of jharkhand as sone surges : लगातार कई दिनों की बारिश की वजह से झारखंड में सोन नद का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. सोन के तटवर्ती इलाकों के गांवों में लोग दहशत में जी रहे हैं. उत्तर प्रदेश और झारखंड में लगातार चार-पांच दिन से हो रही वर्षा के कारण सोन का जलस्तर बढ़ गया है. आसपास बसे गांवों के लोगों को डर सताने लगा है कि जल्दी ही सोन का पानी गांवों में और फिर उनके घरों में घुस जायेगा.

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मेदिनीनगर/गढ़वा : लगातार कई दिनों की बारिश की वजह से झारखंड में सोन नद का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. सोन के तटवर्ती इलाकों के गांवों में लोग दहशत में जी रहे हैं. उत्तर प्रदेश और झारखंड में लगातार चार-पांच दिन से हो रही वर्षा के कारण सोन का जलस्तर बढ़ गया है. आसपास बसे गांवों के लोगों को डर सताने लगा है कि जल्दी ही सोन का पानी गांवों में और फिर उनके घरों में घुस जायेगा.

तटवर्ती क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से इस क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है. इसकी वजह से सोन का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है. बाढ़ आने की संभावना बढ़ गयी है. इस संदर्भ में स्थानीय ग्रामीण लोहरगड़ा निवासी दुर्गा मेहता, भोला राम, कामेश्वर चौधरी, लखन चौधरी, उदय चौधरी, सुरेश चौधरी, नंदु चौधरी, संतान चौधरी व अन्य ने बताया कि सोन में जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है, कभी भी बाढ़ आ सकती है.

ग्रामीणों ने कहा कि जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, यदि इस रफ्तार में कमी नहीं आयी, तो अगले 12 घंटे के दौरान सोन का पानी गांवों में घुस जायेगा. लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ेगा. इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोग चिंतित हैं. सोन नद में बाढ़ आने की जानकारी पर विधायक प्रतिनिधि ने सोन के तट पर बसे गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों को संभावित बाढ़ के खतरे के प्रति सतर्क किया.

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विधायक प्रतिनिधि ने सोन के तट पर बसे गांवों के लोगों से कहा है कि कोई भी व्यक्ति इस वक्त सोन नद में न जाये. बहुत जरूरी नहीं हो, तो उसके आसपास जाने से भी लोगों को बचना चाहिए. उन्होंने नाव घाट का परिचालन बंद रखने व मछुआरों को नाव लेकर नद में जाने से भी मना किया है. विशेष रूप से पलामू जिला के हरिहरपुर, डगर, मेरौनी, लोहरगड़ा, गुरुर, कोसडीहरा, दारिदह, श्रीनगर, डुमरसोता जैसे गांवों को बाढ़ से ज्यादा खतरा है.

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Posted By : Mithilesh Jha

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