पलामू : 7 साल बाद भी अधूरा है अमानत नदी का पुल, निर्माण के दौरान ही बैठ गया था पिलर

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अर्धनिर्मित पुल | Prabhat Khabar Network

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पलामू के ढूब-छतरपुर में अमानत नदी पर बना पुल सात साल बाद भी अधूरा है. एप्रोच पथ न होने से 60 हजार लोगों की जान जोखिम में है. प्रशासन से निर्माण की मांग.

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पिंटू कुमार सिंह पांकी (पलामू). पांकी प्रखंड के ढूब-छतरपुर क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने के लिए अमानत नदी पर बनाया गया सड़क पुल सात साल बाद भी अधूरा पड़ा है. वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल की ओर से पुल का निर्माण कराया गया था. लेकिन वर्षों बाद भी पुल को दोनों ओर की सड़क से जोड़ने के लिए समुचित एप्रोच पथ नहीं बनाया गया है. एप्रोच पथ अधूरा होने के साथ पुल पर पर्याप्त गार्डवाल भी नहीं है. पुल की बदहाल स्थिति के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. खासकर बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर खतरा और बढ़ जाता है.

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निर्माण के दौरान ही बैठ गया था पिलर

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल निर्माण के दौरान ही इसका एक पिलर दबकर नीचे बैठ गया था. इसके बाद विभागीय जांच टीम ने मामले का संज्ञान लिया था. जांच के बाद पुल का पुनर्निर्माण कराने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद कई वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका.

50 हजार लोग करते है जोखिम में सफर

ग्रामीणों का कहना है कि पुल दोनों ओर के करीब 50 से 60 हजार लोगों के लिए महत्वपूर्ण है. पुल का निर्माण पूरा होने से दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी. साथ ही बाजार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी. लेकिन अधूरे निर्माण के कारण लोगों को आज भी जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है.

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एप्रोच पथ और गार्डवाल बना सबसे बड़ा खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक पुल का अधूरा एप्रोच पथ सबसे बड़ी समस्या है. एप्रोच पथ से पुल तक पहुंचने में लोगों को परेशानी होती है. वहीं, पर्याप्त गार्डवाल नहीं होने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के नदी में गिरने का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि दुर्घटना की आशंका के बावजूद लोग रोज इसी रास्ते से आवागमन करने को मजबूर हैं. बरसात में स्थिति और ज्यादा जोखिम भरी हो जाती है.

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आखिर कब पूरा होगा पुल?

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि वर्ष 2018-19 में शुरू हुआ यह महत्वपूर्ण पुल सात साल बाद भी अधूरा क्यों है. विभागीय जांच के बाद पुनर्निर्माण का निर्देश मिलने के बावजूद काम पूरा नहीं होने से लोगों में नाराजगी है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने, दोनों ओर एप्रोच पथ बनाने और पर्याप्त गार्डवाल का निर्माण कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि इससे हजारों ग्रामीणों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा.

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