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तीन प्लेसमेंट कंपनी के 65 सेल्समैन ने कंपनी में नहीं जमा किया तीन करोड़

Updated at : 02 Jan 2025 8:47 PM (IST)
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तीन प्लेसमेंट कंपनी के 65 सेल्समैन ने कंपनी में नहीं जमा किया तीन करोड़

पलामू में उत्पाद विभाग के तहत कार्य कर रहे तीन प्लेसमेंट कंपनी के 65 सेल्समैन ने दुकान में शराब बिक्री करने के बाद कंपनी में पैसा जमा नहीं किया.

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मेदिनीनगर. पलामू में उत्पाद विभाग के तहत कार्य कर रहे तीन प्लेसमेंट कंपनी के 65 सेल्समैन ने दुकान में शराब बिक्री करने के बाद कंपनी में पैसा जमा नहीं किया. जिसके कारण तीन कंपनी ने 65 लोगों पर जिले के विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज करायी है. जानकारी के अनुसार जीडीएस कंपनी के 35 सेल्समैन ने कंपनी की शराब बेचने के बाद कंपनी में पैसा जमा नहीं किया. इसके बाद कंपनी ने सबसे ज्यादा हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के 35 सेल्समैन पर व आरके कंपनी के द्वारा 15 सेल्समैन पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. वहीं वर्तमान में कार्य कर रही केएस कंपनी के द्वारा विभिन्न थानों में कंपनी ने 15 सेल्समैन पर प्राथमिकी दर्ज कराया है. सबसे ज्यादा जीडीएस कंपनी के 35 से 40 सेल्समैन ने विभिन्न दुकानों में शराब बेचने के बाद दो करोड़ कंपनी में पैसा नहीं जमा किया है. वही आरके कंपनी के 15 सेल्समैन ने 70 लाख रुपये अपनी कंपनी में जमा नहीं किया. सेल्समैन पैसा लेकर भाग गया. जबकि वर्तमान में पलामू जिले में कार्य कर रही केएस कंपन के 15 सेल्समैन ने 63 लाख रुपये की दुकान में शराब बेचने के बाद अपनी कंपनी में पैसा जमा नहीं किया है.

किस कंपनी ने कब तक अपने सेल्समैन के माध्यम से दुकानों में बेची है शराब

जीडीएस कंपनी नवंबर 2023 तक सेल्समैन के माध्यम से दुकानों में शराब बेचने का काम किया है. जबकि आरके कंपनी ने जून 2024 तक सेल्समैन के माध्यम से शराब बेचने का काम किया है. वर्तमान में केएस कंपनी अपने सेल्समैन के माध्यम से विभिन्न दुकानों में शराब बेचने का काम कर रही है.

वर्तमान में शराब बेचने की क्या है प्रक्रिया

राज्य सरकार के द्वारा शराब बेचने के लिए प्लेसमेंट कंपनी का चयन करती है. इसके लिए टेंडर प्रकाशित किया जाता है. टेंडर में जिस कंपनी को शराब बेचने का कार्य आवंटित किया जाता है. उस कंपनी के द्वारा अपना सेल्समैन नियुक्त करती है. जिस सेल्समैन को कंपनी नियुक्त करती है, उसकी संबंधित दुकानों में शराब बेचने की जिम्मेवारी रहती है. सेल्समैन का चयन कंपनी के द्वारा किया जाता है. सेल्समैन को कंपनी के द्वारा ही फिक्स मानदेय दिया जाता है. सरकार कंपनी से ही पैसे की वसूली करती है. सेल्समैन की नियुक्ति में सरकार का किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं रहता है.

कंपनी ने सेल्समैन पर करायी है प्राथमिकी दर्जः उत्पाद अधीक्षक

जिला उत्पाद अधीक्षक संजीव कुमार देव ने बताया कि तीन कंपनियों के द्वारा 65 सेल्समैन पर विभिन्न थानों में पूर्व में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इससे उत्पाद विभाग को कोई मतलब नहीं है. यह कंपनी और सेल्समैन के बीच का मामला है. उन्होंने कहा कि कंपनी को जितनी शराब दी जाती है. उसका पैसा पूर्व में ही ले लिया जाता है. उन्होंने कहा कि विभाग के द्वारा दिसंबर महीने में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे लेने के मामले में विभिन्न दुकानों से तीन लाख 65 हजार का फाइन वसूला गया है. जब भी पकड़ा जाता है, तो एक बार में पांच हजार फाइन के रूप में वसूला जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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