बेटी को बोझ नहीं, सौभाग्य समझें
Updated at : 20 Jan 2020 11:37 PM (IST)
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मेदिनीनगर : सोमवार से पलामू जिले में बेटी -बचाओ बेटी पढ़ाओ सप्ताह शुरू हुआ. इसे लेकर आम आदमी को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान की शुरुआत की. समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पलामू उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने भाग लिया. डीसी डॉ अग्रहरि ने कार्यक्रम में शामिल बच्चियों को शपथ […]
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मेदिनीनगर : सोमवार से पलामू जिले में बेटी -बचाओ बेटी पढ़ाओ सप्ताह शुरू हुआ. इसे लेकर आम आदमी को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान की शुरुआत की. समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पलामू उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने भाग लिया. डीसी डॉ अग्रहरि ने कार्यक्रम में शामिल बच्चियों को शपथ दिलायी गयी. इसके बाद जागरूकता रथ रवाना किया.
डीसी डॉ अग्रहरि ने कहा कि बगैर भेदभाव के लड़का व लड़की का पालन-पोषण व पढ़ाई की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए. बेटे की तरह ही बेटी की भी पढ़ाई व अन्य सुविधा उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
बेटी के बिना घर में खुशहाली नहीं रहती. सब कुछ रहने के बाद भी बेटी की कमी हर परिवार को खलती है. इसलिए बेटी को बोझ नही बल्कि सौभाग्य समझना चाहिए. क्योंकि बेटी ही खुशहाली लेकर आती है और आजीवन अपने माता-पिता परिवार के सदस्य को खुशहाल रखने का प्रयास करती है.
उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में लड़कियां भी लड़कों की तरह हर क्षेत्र में बेहतर कर रही है. समाज में समान अधिकार बेटा व बेटी को मिलना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार व जिला प्रशासन बेटियों को आगे बढ़ाने,उनकी शिक्षा-दीक्षा व उनके सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ शहरी व ग्रामीण इलाकों में भ्रमण करेगी और ग्रामीणों को बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी देगी.
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