करोड़ों खर्च के बाद भी बंद पड़ा रांगा डिग्री कॉलेज, छात्रों की उम्मीद पर फिरा पानी

Updated:
विज्ञापन

रांगा गांव में बनकर तैयार डिग्री कॉलेज का भवन. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

लिट्टीपाड़ा के रांगा गांव में करोड़ों की लागत से बना डिग्री कॉलेज करीब एक साल से तैयार है, लेकिन अब तक पढ़ाई और नामांकन शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों ने जल्द सत्र शुरू करने की मांग की.

विज्ञापन

संवाददाता, लिट्टीपाड़ा: लिट्टीपाड़ा प्रखंड के रांगा गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार डिग्री कॉलेज अब प्रशासनिक उपेक्षा और विभागीय सुस्ती के कारण उपयोग से बाहर पड़ा है. भवन का निर्माण पूरा हुए करीब एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक कॉलेज में पठन-पाठन शुरू नहीं हो सका है. इससे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है.

विज्ञापन

आदिवासी पहाड़िया बहुल इस सुदूरवर्ती क्षेत्र में डिग्री कॉलेज का निर्माण स्थानीय युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की दिशा में बड़ी उम्मीद के रूप में देखा गया था. कॉलेज शुरू नहीं होने से वह उम्मीद अब अधूरी नजर आ रही है.

मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा के लिए जाना पड़ता है दूर

रांगा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के सामने स्नातक की पढ़ाई के लिए अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. मैट्रिक और इंटरमीडिएट के बाद उन्हें उच्च शिक्षा के लिए पाकुड़, दुमका या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है.

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करना आसान नहीं है. आर्थिक तंगी और पर्याप्त यातायात साधनों के अभाव का असर खासकर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मेधावी छात्र-छात्राएं इन परिस्थितियों के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते.

भवन तैयार, लेकिन शिक्षक और नामांकन प्रक्रिया नहीं

कॉलेज भवन का निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके बच्चों को घर के आसपास ही स्नातक स्तर की शिक्षा उपलब्ध होगी. लेकिन भवन तैयार होने के बावजूद कॉलेज में अब तक शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है.

इसके साथ ही विद्यार्थियों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है. ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार बुनियादी ढांचा उपयोग में नहीं आ पा रहा है.

यह भी पढ़ें:

ऑनलाइन ऑर्डर से मंगाया सामान, पार्सल पहुंचते ही भिड़े युवक

ग्रामीणों ने जल्द सत्र शुरू करने की मांग

स्थानीय युवाओं का कहना है कि केवल कॉलेज भवन का निर्माण कर देने से उच्च शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा. कॉलेज में शिक्षक, कर्मचारी, आवश्यक संसाधन और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होना जरूरी है.

ग्रामीणों, युवाओं और स्थानीय छात्र संगठनों ने जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन से कॉलेज में आवश्यक संसाधनों एवं शिक्षकों की व्यवस्था जल्द कराने की मांग की है.

डिग्री कॉलेज का भवन | Prabhat Khabar Network
डिग्री कॉलेज का भवन. | Prabhat Khabar Network

आगामी सत्र से पढ़ाई शुरू कराने की मांग

स्थानीय लोगों की मांग है कि कॉलेज में जल्द से जल्द नामांकन और पठन-पाठन की प्रक्रिया शुरू की जाये, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े.

आदिवासी पहाड़िया बहुल क्षेत्र में कॉलेज के संचालन से स्थानीय युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान हो सकती है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस दिशा में जल्द पहल करेगा.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola