कालाजार मरीजों का नहीं हो रहा इलाज
Updated at : 05 May 2017 7:15 AM (IST)
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बदहाली. अस्पताल में दवा की भारी कमी से संकट गहराया, परिजन परेशान पूरी तरह ठीक होने के लिये एक मरीज को दिया जाता है कुल 168 कैप्सूल्स महेशपुर : प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों कालाजार का प्रकोप बढ़ा है. जनवरी से अप्रैल 2017 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र महेशपुर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वीएल (वेसरल […]
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बदहाली. अस्पताल में दवा की भारी कमी से संकट गहराया, परिजन परेशान
पूरी तरह ठीक होने के लिये एक मरीज को दिया जाता है कुल 168 कैप्सूल्स
महेशपुर : प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों कालाजार का प्रकोप बढ़ा है. जनवरी से अप्रैल 2017 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र महेशपुर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वीएल (वेसरल लीसमेनेसिस) के कुल 23 मरीजों का इलाज किया गया है. इन 23 कालाजार के मरीजों का उपचार इंजेक्शन एम्बीजोन के माध्यम से किया गया. लेकिन कालाजार के पीकेडीएल (पोस्ट कालाजार डरमल लीसमेनेसिस), यानि वैसे मरीज जो पूर्व में दिये गये दवा का पूर्ण रूप से सेवन नहीं किया, वैसे कुल 37 मरीज, कालाजार से पीड़ित पाये गये. जिसमें 19 मरीजों का उपचार हुआ है. दवा की कमी के कारण बाकी बचे 18 पीकेडीएल मरीजों का इलाज नहीं हो पाया है.
पीकेडीएल मरीजों को मिल्टेफोसिन- 50 मिलिग्राम की कैप्सूल दिया जाता है. एक मरीज को 84 दिनों के लिये कुल 168 कैप्सूल्स दिये जाते हैं पर दवा की कमी के कारण पीकेडीएल मरीजों का इलाज समय पर नहीं होने के कारण, वीएल (भेसरल लीसमेनेसिस) कालाजार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पीकेडीएल कालाजार मरीजों की दवा, मिल्टेफोसिन कैप्सूल -50 मिलिग्राम की कमी है. शायद यही वजह है कि जिले में दवा की कमी के कारण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र महेशपुर में मरीजों की संख्या के अनुपात से अधिक दवा की कमी है.
सीएस से नहीं हो पाती है बात
एक ओर से सूबे के मुख्यमंत्री राज्य को जहां बेहतर दिशा देने में लगे हैं, वहीं जिले के स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. किसी भी कमियों की जानकारी लेने के लिए यदि आप स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन के मोबाइल फोन नंबर 8877072582 पर संपर्क किया गया मगर बात नहीं हो पायी.
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