री-एडमिशन फी पर प्रशासन लगाये रोक

प्रतिनिधि, पाकुड़सरकार द्वारा री-एडमिशन फी पर रोक लगाये जाने के आदेश के बावजूद जा रही वसूली को लेकर जिले में विद्यालयों के प्रबंधकों के खिलाफ अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है. अधिकांश विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन तो नहीं लिये जा रहे पर अन्य शुल्क में वृद्धि किये जाने की वजह से भी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में गुस्सा […]
प्रतिनिधि, पाकुड़सरकार द्वारा री-एडमिशन फी पर रोक लगाये जाने के आदेश के बावजूद जा रही वसूली को लेकर जिले में विद्यालयों के प्रबंधकों के खिलाफ अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है. अधिकांश विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन तो नहीं लिये जा रहे पर अन्य शुल्क में वृद्धि किये जाने की वजह से भी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में गुस्सा उबाल पर है. प्रस्तुत है उनकी प्रतिक्रियाएं. अभिभावकों की प्रतिक्रिया.री-एडमिशन पर सरकार द्वारा उठाया कदम सराहनीय है. सरकार के आदेश पर पहल करते हुए प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. फोटो संख्या 8- ?नूर आलम री-एडमिशन फी लिये जाने के कारण गरीब तबके के बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है. फोटो संख्या 6- रूहुल अमीन.निजी विद्यालयों में री-एडमिशन फी के साथ अन्य शुल्क के नाम पर की जा रही वसूली पर रोक लगनी चाहिए. फोटो संख्या 7- जाकीर शेख क्या कहा विद्यार्थियों ने. निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क के नाम पर अभिभावकों का दोहन किया जा रहा है. इस रोक लगनी चाहिए. फोटो संख्या 9- नूर सम्मीरी-एडमिशन शुल्क हो या अन्य शुल्क सभी मामले में अभिभावकों के साथ बच्चांे को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.फोटो संख्या 10- नेसार आलम निजी विद्यालयों में शुल्क वसूली धड़ल्ले से की जा रही है और इस पर रोक लगाने में प्रशासन अब तक नाकाम रहा है. फोटो संख्या 11- नूर सम्मा.
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