मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कार्यशाला

Updated at : 30 Mar 2026 9:24 PM (IST)
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मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कार्यशाला

मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कार्यशाला

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लोहरदगा : मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर महाविद्यालय लोहरदगा में त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला आयोजित की गई. त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में तीनों विद्यालय मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर महाविद्यालय, शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर और सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर का सामूहिक रूप से शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में संपन्न हुआ. प्रथम दिवसीय आचार्य कार्यशाला कुल पांच सत्रों में संपन्न हुआ. कार्यशाला के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि प्रान्त संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल, अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, सचिव अजय प्रसाद, तीनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य विपिन कुमार दास व सुरेश चंद्र पांडे तथा तीनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे. प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल ने गुरु दक्षिणा, मातृ संगठन , स्व का भाव, देश भक्ति, राष्ट्र निर्माण में समाज का सहयोग , भारतीय परंपरा को अपने जीवन में अपनाना आदि के बारे में बताया. शिशु मंदिर की प्रधानाचार्य श्री सुरेश चंद्र पांडे ने कहा कि त्रिदिवसीय कार्यशाला मे पुरे वर्ष की योजना तैयार की जाती है, जिससे पूरा वर्ष योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो सके. मासान्त बैठक के दिन कार्य योजना की समीक्षा करनी चाहिए और अपने सबल और निर्बल पक्ष पर विशेष ध्यान देना चाहिए. महाविद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन कुमार दास ने कहा कि सभी आचार्य पूर्ण समर्पित होकर योजना को क्रमबद्ध तरीके से संचालित करें और सभी कार्य को समय से पूरा करे. पिछले वर्ष की योजना के अनुसार कितना कार्य हुआ, उसका आकलन करना है और पिछले से बेहतर क्या कर सकते हैं, जिससे भैया बहनों का विकास हो सके. महाविद्यालय की कार्यालय प्रमुख आरती भगत को नियमित कार्य कुशलता के लिए मुख्य अतिथि द्वारा अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया. द्वितीय सत्र में स्थायी भौतिक सामग्री एवं पंजी सत्यापन का कार्य किया गया. तृतीय सत्र में महाविद्यालय की अर्थशास्त्र की आचार्य नीतू कुमारी ने महाविद्यालय का सबल और निर्बल पक्ष रखी .उपाध्यक्ष विनोद राय ने सबल पक्ष की सराहना की और निर्बल पक्ष का समाधान बहुत ही सरल शब्दों में बताया. चतुर्थ सत्र में शून्य कालांश के महत्व, आचार्य भारती व पंचम सत्र में प्रांतीय कार्य योजना, शैक्षिक पंचांग,सत्र 2026-27 के विषयों पर चर्चा, अभिभावक गोष्ठी, मातृ सम्मेलन, दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान कार्यक्रम हेतु तिथि निर्धारण आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई.कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे.

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SHAILESH AMBASHTHA

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