युद्ध से सिर्फ तबाही, कूटनीति ही आखिरी रास्ता, भारत को आगे आना चाहिए : सुखदेव भगत

Updated at : 22 Mar 2026 8:24 PM (IST)
विज्ञापन
युद्ध से सिर्फ तबाही, कूटनीति ही आखिरी रास्ता, भारत को आगे आना चाहिए : सुखदेव भगत

युद्ध से सिर्फ तबाही, कूटनीति ही आखिरी रास्ता, भारत को आगे आना चाहिए : सुखदेव भगत

विज्ञापन

लोहरदगा़ वैश्विक मंच पर बढ़ते तनाव और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बीच कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब दुनिया को मूकदर्शक बने रहने के बजाय सक्रिय भूमिका निभानी होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां कहीं भी मानवाधिकारों का हनन हो रहा है, वहां ब्रिक्स, जी7 और संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रमुख संगठनों को कड़ी निगरानी के साथ ठोस कदम उठाने चाहिए. संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता : सांसद ने युद्ध की नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता. यह केवल विनाश, अस्थिरता और मानवीय संकट को जन्म देता है. उनके अनुसार, वैश्विक समस्याओं का हल केवल आपसी समझ, संवाद और कूटनीति से ही संभव है. उन्होंने भारत की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत हमेशा से शांति का दूत रहा है और आज के समय में उसे आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापना की पहल करनी चाहिए. भारत की भूमिका और रणनीतिक हित : ईरान और खाड़ी देशों से संबंधों का जिक्र करते हुए श्री भगत ने कहा कि भारत का इन क्षेत्रों से पुराना दोस्ताना रिश्ता है. हमारी ईंधन जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा यहीं से आता है और बड़ी संख्या में भारतीय वहां जीविकोपार्जन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति का दूत रहा है. आज देश के पास वह नैतिक और कूटनीतिक शक्ति है, जिसके जरिये वह दुनिया को संघर्ष से बाहर निकाल कर शांति स्थापना में अग्रणी भूमिका निभा सकता है.

विज्ञापन
SHAILESH AMBASHTHA

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola