सरहुल प्रकृति की पूजा का पर्व, इसका संरक्षण हम सभी का कर्तव्य : राधा तिर्की

सरहुल प्रकृति की पूजा का पर्व, इसका संरक्षण हम सभी का कर्तव्य : राधा तिर्की
सेन्हा़ प्रखंड के उगरा पंचायत अंतर्गत इचरी गांव में प्रकृति पर्व सरहुल धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर गांव के पहान और पुजार ने आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार सरना स्थल पर साल वृक्ष (सखुवा) की विधिवत पूजा-अर्चना की. ग्रामीणों ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ प्रकृति की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की. पर्व को लेकर गांव के अखड़ा को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. नशा से बचें और परंपरा बचायें : राधा तिर्की : सरहुल पूजा के उपरांत मुख्य अतिथि सह जिला परिषद सदस्य राधा तिर्की ने ग्रामीणों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि सरहुल प्रकृति की पूजा का पर्व है और प्रकृति का संरक्षण हम सभी का साझा कर्तव्य है. उन्होंने लोगों से आपसी शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की. साथ ही आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं को जीवित रखने के लिए युवाओं को नशा से बचने और अपनी संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया. पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य शोभायात्रा : पूजा के बाद गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गयी. इसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजे बड़े-बुजुर्ग, युवक और युवतियां शामिल हुए. ढोल-नगाड़ा और मांदर की थाप पर ग्रामीण पारंपरिक गीतों पर नाचते-थिरकते नजर आयें. शोभायात्रा ने पूरे गांव का भ्रमण किया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया. इस मौके पर गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष और गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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