बगैर प्राक्कलन व लाभुक समिति के आरसीसी बेंचों की खरीद
Published by : SHAILESH AMBASHTHA Updated At : 06 Jun 2026 8:11 PM
बगैर प्राक्कलन व लाभुक समिति के आरसीसी बेंचों की खरीद
कुड़ू़ प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि के खर्च में नियमों की अनदेखी का मामला प्रकाश में आया है. सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार ग्रामसभा के माध्यम से लाभुक समिति का चयन कर अभियंताओं की मापी पुस्तिका (एमबी) के आधार पर राशि खर्च करनी थी. इसके विपरीत, मुखिया और पंचायत सचिवों ने वार्षिक कार्य योजना को दरकिनार कर चहेते वेंडर्स को काम आवंटित कर दिया. इसके लिए न तो लाभुक समिति चुनी गयी और न ही अभियंताओं से प्राक्कलन बनवाया गया. एक अभियंता ने पुष्टि की है कि इन बेंचों के लिए कोई प्राक्कलन या मापी पुस्तिका तैयार नहीं की गयी है. तीन हजार की बेंच के लिए सात से 10 हजार का भुगतान, पांच माह में ही आयी दरारें : बाजार में पांच फीट लंबाई व मोटाई वाली जिस आरसीसी बेंच की कीमत करीब 3,000 रुपये है, उसके लिए अलग-अलग पंचायतों में सुविधानुसार 7,000 से 10,000 रुपये तक का मनमाना भुगतान किया गया. नियमों के अनुसार प्रति यूनिट 15 बेंच लगानी थीं, लेकिन मिलीभगत के कारण कहीं 10 तो कहीं 12 बेंच ही लगायी गयी. गुणवत्ता इतनी खराब है कि लगने के पांच माह भीतर ही बेंचों में दरारें आ गयीं हैं. मामले की जांच कर जिला प्रशासन को भेजा जायेगा पत्र : प्रभारी बीडीओ : इस संबंध में प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव ने बताया कि उन्हें आरसीसी बेंच खरीद मामले की जानकारी नहीं है. यदि एक ही सामग्री के लिए अलग-अलग राशि का भुगतान किया गया है, तो यह पूरी तरह गलत है. मामले की विस्तृत जांच करायी जायेगी और दोषी पाये जाने वालों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा जायेगा. स्थानीय लोगों का मानना है कि उच्चस्तरीय जांच होने पर एक बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है.
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