कहीं टंकी गायब तो कहीं मोटर, कुड़ू में लाखों की सोलर जलमीनारें बनीं शो पीस

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बेकार पढ़ा सोलर आधारित जलमीनार | Prabhat Khabar Network

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लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कुड़ू प्रखंड में नल-जल योजना दम तोड़ चुकी है. सोलर जलमीनारों में सोलर प्लेट, टंकी और मशीनें गायब हैं, जिससे ग्रामीणों को बरसात में भी पानी नहीं मिल पा रहा है.

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कुड़ू (लोहरदगा): ग्रामीणों को घर तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई नल-जल योजना कुड़ू प्रखंड में बदहाल स्थिति में पहुंच गई है. करीब पांच साल पहले लगाई गई सोलर आधारित जलमीनारें मामूली खराबी के बाद बंद पड़ी हैं. कहीं सोलर प्लेट खराब है, तो कहीं पानी की टंकी या सबमर्सिबल मशीन गायब है. कई जगह स्टार्टर खराब होने से जलापूर्ति ठप है. नतीजा यह है कि बरसात के मौसम में भी ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है.

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लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा पानी

आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से, जबकि अन्य क्षेत्रों में 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि से सोलर जलमीनारें लगायी गई थीं. आदिवासी क्षेत्रों में एक हजार लीटर क्षमता की टंकी लगाकर करीब 25 घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई थी. 14वें वित्त आयोग से प्रत्येक जलमीनार पर 2.49 लाख रुपए और 15वें वित्त आयोग से 3.84 लाख रुपये खर्च किए गए थे. इसके बावजूद कई जलमीनारें अब ग्रामीणों के लिए महज शो पीस बनकर रह गई हैं.

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कहीं सोलर प्लेट तो कहीं सबमर्सिबल मशीन गायब

प्रखंड के विभिन्न इलाकों में जलमीनारों की स्थिति अलग-अलग है. कहीं सोलर प्लेट गायब है, तो कहीं पानी की टंकी नहीं है. कुछ जगहों पर सबमर्सिबल मशीन गायब है, जबकि कई जलमीनारों में स्टार्टर खराब होने के कारण पानी की आपूर्ति बंद है. ग्रामीणों का कहना है कि मामूली खराबी को समय पर दूर कर दिया जाता, तो जलमीनारों का लाभ लोगों को मिलता रहता.

मरम्मत के निर्देश के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

जलमीनारों की खराब स्थिति को देखते हुए मुखियाओं को मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद एक-दो पंचायतों को छोड़ अधिकांश जगहों पर मरम्मत का काम नहीं हो सका है. ग्रामीणों ने मरम्मत के नाम पर राशि की बंदरबांट का भी आरोप लगाया है. एक जलमीनार की मरम्मत के नाम पर 50 हजार रुपए निकाले जाने की बात सामने आई है, जबकि वहां केवल स्टार्टर बदलकर दो मीटर तार जोड़ा गया. इधर, इस संबंध में प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव ने कहा कि जलमीनारों की मरम्मत का निर्देश दिया गया है. जल्द ही मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा.

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