सभी सुविधाएं हैं, फिर भी रेफर कर दिये जाते हैं मरीज
Updated at : 18 Apr 2017 8:16 AM (IST)
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संसाधन और सुविधा बढ़ाने के बाद भी व्यवस्था में नहीं हो पाया है कोई सुधार कुड़ू (लोहरदगा) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़ू रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है. सड़क हादसे के बाद मामूली रूप से चोट लगने से लेकर बुखार समेत अन्य साधारण बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को रांची या लोहरदगा रेफर कर […]
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संसाधन और सुविधा बढ़ाने के बाद भी व्यवस्था में नहीं हो पाया है कोई सुधार
कुड़ू (लोहरदगा) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़ू रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है. सड़क हादसे के बाद मामूली रूप से चोट लगने से लेकर बुखार समेत अन्य साधारण बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को रांची या लोहरदगा रेफर कर दिया जाता है. ना सिर्फ मरीज बल्कि परिजनों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है. कुड़ू स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दरजा दिया गया. सुविधाएं मौजूद होने के बाद भी खामियाजा आम जनता उठाती है.
संसाधन होने के बावजूद मरीज होते हैं रेफर : केंद्र को चिकित्सक, जांच सुविधा, सिजेरियन आॅपरेशन तथा सुरक्षित प्रसव की सुविधा, आॅपरेशन थियेटर से लेकर तमाम सुविधा एवं संसाधन मिलने के बावजूद मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति नहीं बदली है. केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत छह चिकित्सक डाॅ ओपी गुप्ता, मर्सा टोप्णो, मंजु गुप्ता, निरूपमा, राजमोहन खलखो एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुलामी होरो कार्यरत हैं. इनके अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ता, प्रशिक्षित एएनएम से लेकर लैब टेकनीशियन, कंपाउडर समेत लगभग सभी पदों पर कर्मी बहाल हैं. कुछ पदों पर अनुबंध पर कर्मी की बहाली है.
प्रशासनिक पदाधिकारियों को भी नहीं है चिंता
कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेशनल हाइवे 75 के किनारे स्थित है. आये दिन सड़क हादसा होना आम बात है. चार एंबुलेंस में से दो खराब पड़े हैं. थाना क्षेत्र में सड़क हादसों में घायल होने वाले लोग पहले कुड़ू आते हैं. सुविधाओं के मौजूद होने के बावजूद बेहतर इलाज के नाम पर रांची रिम्स या लोहरदगा सदर अस्पताल रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का पूरा प्रयास किया जाता है. कई मरीजों को मामूली खरोंच होने पर भी रेफर कर दिया जाता है.
12 बेड वाले स्वास्थ्य केंद्र को एनआरएचएम के तहत कई सुविधाएं मिलती है. संसाधन और सुविधा बढ़ाने के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया है. लोगों ने स्थानीय सांसद, विधायक, उपायुक्त और विभाग के सचिव को मामले से अवगत कराया है. लेकिन अब भी कोई पहल नहीं की गयी है. स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुलामी होरो ने बताया कि संसाधन है लेकिन भवन की समस्या है. इसलिए मरीज को रेफर किया जाता है. यहां मरीजों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है .
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