आठ दिन से जलापूर्ति ठप

चापाकल मरम्मती के लिए नहीं किया गया विशेष प्रबंध जानवरों को करना पड़ रहा है जल संकट का सामना लोहरदगा : लोहरदगा जिला में गरमी के दस्तक देने के साथ ही जल संकट उत्पन्न हो गया है. शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा […]
चापाकल मरम्मती के लिए नहीं किया गया विशेष प्रबंध
जानवरों को करना पड़ रहा है जल संकट का सामना
लोहरदगा : लोहरदगा जिला में गरमी के दस्तक देने के साथ ही जल संकट उत्पन्न हो गया है. शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. लोहरदगा शहरी क्षेत्र में पिछले आठ दिनों से जलापूर्ति ठप है. पेयजल आपूर्ति करने वाले संवेदक कुमार संदीप का कहना है कि शंख एवं कोयल नदी का जल स्तर नीचे चला गया है. अतिरिक्त पाइप डाल कर किसी तरह जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास है.
व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ ही जलापूर्ति शुरू हो जायेगी. शंख नदी में पानी के स्थान पर सिर्फ बालू नजर आ रहा है. पानी नहीं होने से जानवरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में तालाब सूखने से लोग खेती के लिए भी पानी की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं. पानी नहीं रहने के कारण लोग मवेशियों को भी पानी नहीं पिला पा रहे हैं. पठारी जिला होने के कारण यहां के अधिकांश चापाकल खराब पड़े हैं.
चापाकल मरम्मती के लिए अब तक कोई विशेष प्रबंध नहीं है. सेन्हा प्रखंड में तो स्थिति और भी बदत्तर है. नदी और तालाब दोनों सूख चुके हैं. भंडरा प्रखंड में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है. किस्को प्रखंड प्रतिनिधि से मिली जानकारी अनुसार पूरा प्रखंड जल संकट परेशान हैं. लोगों का कहना है कि किस्को जलापूर्ति योजना शुरू हो जाने के बाद ही थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद नजर आती है.
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