खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभ से गरीब वंचित

Updated at : 05 Jan 2016 2:00 AM (IST)
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभ से गरीब वंचित

कुडू (लोहरदगा) : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद गरीब इस योजना से वंचित रह गया है. सरकारी सर्विस करनेवाले लोग, होटल संचालक से लेकर चारपहिया वाहन के मालिक इस योजना के लाभुक बन गये हैं. गरीब राशन कार्ड की सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग, […]

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कुडू (लोहरदगा) : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद गरीब इस योजना से वंचित रह गया है. सरकारी सर्विस करनेवाले लोग, होटल संचालक से लेकर चारपहिया वाहन के मालिक इस योजना के लाभुक बन गये हैं. गरीब राशन कार्ड की सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग, अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. जानकारी के अनुसार अधिनियम के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार ने गाइड लाइन जारी किया था.
इसमें भारत सरकार या राज्य सरकार के किसी नौकरी पेशा को, पक्का चार कमरों वाले मकान मालिक, चार पहिया वाहन मालिकों, व्यवसायियों का नाम इस योजना में नहीं जोड़ा जा सकता है. इतना ही नहीं परिवार का कोई भी सदस्य आयकर, सेवाकर, व्यवसायिक कर देता हो ऐसे लाभुक जिसके पास पांच एकड़ सिंचित भूमि या दस एकड़ का मालिक हो वैसे परिवार जिसके पास फ्रीज, वाशिंग मशीन हो ऐसे परिवारों को इस योजना से वंचित रखना था. मगर दुर्भाग्य इस योजना के लाभुक ऐसे ही लोग बनाये गये है जो सरकार के गाइडलाइन का पालन नहीं करते हैं.
अंत्योदय कार्डधारियों का नाम भी सूची से गायब
सरकार ने घोषणा की थी कि अंत्योदय कार्डधारियों की सूची में कोई बदलाव नहीं होगा. अंत्योदय कार्डधारी अत्यंत गरीब लाभुक को बनाया जाता है. इस कार्डधारियों को माह में 35 किग्रा चावल मिलता है, लेकिन उनकी सूची में फेरबदल करते हुए अत्यंत गरीबी की सूची में दर्ज लाभुकों का नाम हटा दिया गया. इससे अंत्योदय कार्डधारी परेशान हैं.
जल्द प्रारंभ होगा सर्वे : बीडीओ
कुडू बीडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने बताया कि अधिनियम में 80 प्रतिशत ग्रामीणों का कार्ड बनना है. इससे ज्यादा राशन कार्ड बन गया है. सुखी संपन्न लोगों का, सरकार के गाइड लाइन का अनुपालन नहीं करनेवालों का नाम हटाया जायेगा. जिला से आदेश मिलते ही सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ होगा. गरीबों को वंचित नहीं रहने दिया जायेगा.
गरीबों को नहीं मिल रहा इंसाफ
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में 80 प्रतिशत गरीब ग्रामीणों को लाभ देना था, लेकिन 40 प्रतिशत से ज्यादा गरीब इस योजना से वंचित हैं. गरीब ग्रामीण राशन कार्ड में नाम जोड़वाने के लिए आवेदन दे रहे हैं. कहीं कोई इंसाफ नहीं मिल पा रहा है.
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