पर्यावरण मंत्रलय ने माना, बाक्साइट
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Apr 2015 10:01 AM (IST)
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लोहरदगा : केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुदर्शन भगत ने भारत सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिख कर हिंडालको कंपनी के डंपिंग यार्ड से हो रहे प्रदूषण से अवगत कराया. श्री भगत के पत्र को गंभीरता से लेते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण […]
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लोहरदगा : केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुदर्शन भगत ने भारत सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिख कर हिंडालको कंपनी के डंपिंग यार्ड से हो रहे प्रदूषण से अवगत कराया.
श्री भगत के पत्र को गंभीरता से लेते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कराया. विशेषज्ञों ने जांच के बाद कहा है कि लोहरदगा जिले में बॉक्साइट डंपिंग यार्ड के खराब रख-रखाव से वहां की सड़क ों पर यातायात जाम होने की समस्या उत्पन्न हो रही है. डंपरों से और भी धूल गिरती थी. इस जिले में वायु और ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए संबंधित स्टेकहोल्डर को कार्य करने होंगे. जांच के बाद अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि केवल रोपवे से हिंडालको के लोहरदगा साइडिंग तक ले जाने की अनुमति दी जाये. इस यूनिट की मरम्मत करके इसे शुरू की जाये. सेन्हा से लोहरदगा किस्क ो रोड तक बाइपास की कंक्रीट सड़क का निर्माण किया जाये.
अंतरिम उपाय के रुप में साइडिंग/रेलवे स्टेशन तक और स्टेशन से बॉक्साइट को रेलवे वैगन से ले जाने की अनुमति केवल सुबह छह बजे से रात 10.30 बजे तक दी जाये, जैसा कि शिकायतकर्ताओं का अनुरोध है. राज्य सरकार को इस साइडिंग को लोहरदगा के बाद चांपी में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए. रेलवे को लोहरदगा से टोरी तक रेलवे लाइन का विस्तार करना चाहिए. शहर की सड़कें यातायात को सुचारु बनाने के लिए चौड़ी तथा ढलाई की बनी होनी चाहिए. स्नेत पर प्रदूषण को रोकने के लिए क्षेत्र में स्थित सभी खदानों और साइडिंग में उनके परिसरों के चारों ओर स्थायी चहारदीवारी खड़ा करना.
स्टॉक पाइल्स और वर्षा जल एकत्रीकरण प्रणाली में विंड ब्रेकिंग दीवारों का निर्माण. प्वाइंट स्नेतों के लिए प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र लगाना. फ्यूजिटिव डस्ट जेनरेशन प्वाइंट पर डस्ट संप्रेषण सिस्टम लगाना. चहारदीवारी के चारों ओर ग्रीन बेल्ट का निर्माण. जेएसपीसीबी द्वारा निर्धारित किये गये प्रत्येक कलस्टर में स्थानों पर एंबिएंट एयर क्वालिटी की निगरानी करायी जायेगी और जेएसपीसीबी द्वारा विनिर्दिष्ट मासिक अंतराल पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी.
खदानों और साइडिंग की सभी अप्रोच और आंतरिक सड़कों पर जल का छिड़काव तथा यह कार्य इकाइयों द्वारा किया जाना चाहिए. परिवहन के दौरान धूल को रोकने के लिए ट्रकों/डंपरों में बदलाव किये गये. खदान क्षेत्रों और साइडिंग तक जाने वाली सभी मुख्य, लिंक और एप्रोच सड़कें बारहमासी बनायी जानी चाहिए जिसमें भारी वाहनों की आवाजाही की वजह से फैलने वाले धूल को रोकने के लिए उचित व नियमित रख रखाव किया जाना चाहिए.
सड़क की सतह पर पर्याप्त ड्रेनेज की व्यवस्था सड़क विकास का अभिन्न अंग होना चाहिए और बारिश से सड़कों को खराब होने से बचने के लिए इसका रख-रखाव किया जाना चाहिए. बोर्ड ने इस मामले की जांच और इन सिफारिशों को क्रियान्वित करने का निर्देश भी दिया है. केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सुदर्शन भगत को इस पूरे मामले से और की जा रही कार्रवाई से अवगत करा दिया है.
सराहनीय कदम : भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि शहरी क्षेत्र में बॉक्साइट डंपिंग यार्ड बना दिये जाने से पूरा शहर मरीज शहर के रुप बदल गया है. सैकड़ों तरह के बीमारियां यहां के लोगों को हो रही है. केंद्रीय मंत्री सुदशर्न भगत ने जो कदम उठाया है वह सराहनीय है और कंपनी को चाहिए कि यथाशीघ्र शहरी क्षेत्र से बॉक्साइट डंपिंग यार्ड को हटायें और क्षेत्र के विकास के लिए काम करें.
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