लोहरदगा : लोहरदगा जिला सहित पूरे झारखंड राज्य के सभी जिलों में 7वीं आर्थिक जनगणना की तैयारी शुरू हो गयी है. सातवीं आर्थिक जनगणना 15 जून से शुरू हो रही है. यह गणना पूरे भारतवर्ष में एक साथ शुरू की जा रही है. जिला, ब्लॉक एवं पंचायत स्तर तक इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है. हर पंचायत के कॉमन सर्विस सेंटर को इसकी पूरी जिम्मेदारी दी जा रही है.
समाहरणालय सभागार में कार्यशाला का आयोजन कर प्रज्ञा केंद्र संचालकों को जिले में संचालित आर्थिक गतिविधियों की गणना के लिए प्रशिक्षण दिया गया. कार्यशाला में कॉमन सर्विस सेंटर के एसपीएम हरबीर सिंह व सीएससी एसपीवी के निखिल कुमार, एनएसएसओ के डी सुरीन, रांची क्षेत्र कार्यालय, उद्योग विभाग के अनिल कुमार शर्मा, अर्थ अन्वेषक कुमार रवि शंकर, परियोजना प्रबंधक जिला सांख्यिकी विभाग के रामजी प्रसाद, पर्यवेक्षक, सब सांख्यकी पदाधिकारी ने बताया कि इस बार आर्थिक जनगणना पूरी तरह पेपर लेस है.
जिससे डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिल रहा है. 7वीं आर्थिक गणना के लिए भारत सरकार ने एक एप बनाया है जिससे ऑनलाइन सर्वे किया जायेगा. इस गणना को तीन महीने के अंदर पूरा करना है. हरबीर सिंह ने मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे कार्य करने के लिए और अनिल शर्मा ने बारीकी से क्षेत्र में सर्वे के लिए प्रशिक्षण दिया. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सांख्यिकी मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में किया जा रहा है.
इस कार्यक्रम के तहत गांव के लोगों को रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है जिससे उनके गांव में ही सीएससी के माध्यम से एनुमेटर के रूप में रोजगार दिया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राजीव नीरज, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशीष कुमार, इरफान अंसारी डीइसी सुधीर कुमार पूरे जिले के प्रज्ञा केंद्र संचालक, सांख्यिकी विभाग के सहायक विजय तिवारी उपस्थित थे.
आर्थिक जनगणना में लोहरदगा जिले के सभी मकानों, दुकानों के अलावा छोटे-बड़े उद्योगों का सर्वे और उनका निबंधन होगा. इसके लिए सीएससी संचालक सुपरवाइजर के रूप में कार्य करेंगे. वे गांव के हर घर में जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे. अब देश में पहली बार आर्थिक गणना का यह कार्य सीएससी के माध्यम से पूरे देश में हो रहा है. कॉमन सर्विस सेंटर गांव तक फैले हैं और उनके माध्यम से कम समय में यह कार्य को पूरा कर लिया जायेगा.
