पलामू टाइगर रिजर्व की समृद्ध यादों और स्थानीय संस्कृति को सहेज रहे सैलानी, नया सॉवेनियर शॉप का जबरदस्त क्रेज

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बेतला में नवनिर्मित सॉवेनियर शॉप / Prabhat Khabar Network

पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला में खुली नई सॉवेनियर शॉप पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी है। यहाँ स्थानीय हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों की भारी मांग है।

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संतोष कुमार की रिपोर्ट बेतला नेशनल पार्क. विश्व प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) इन दिनों न केवल वन्यजीवों के दीदार और प्राकृतिक सुंदरता के लिए, बल्कि अपनी एक नई अनूठी प्रशासनिक पहल के लिए भी सुर्खियों में है. पलामू टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बेतला में नवनिर्मित 'सॉवेनियर शॉप'(स्मृति चिह्न दुकान) आकर्षण और कौतूहल का मुख्य केंद्र बन गया है. घने जंगलों, वन्यजीवों और ऐतिहासिक किलों का दीदार करने के बाद सैलानी भारी संख्या में इस दुकान पर पहुंच रहे हैं.

यादों को हमेशा के लिए सहेजने का अवसर

इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को बेतला सफर की यादों को हमेशा के लिए सहेजने का अवसर देना है. हाल ही में पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से तैयार किये गये इस भव्य और आधुनिक आउटलेट का आधिकारिक उद्घाटन पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार के द्वारा किया गया है. उद्घाटन के महज कुछ ही दिनों के भीतर इस शॉप को लेकर पर्यटकों के बीच जबरदस्त क्रेज और उत्साह देखा जा रहा है.

स्थानीय हस्तशिल्प और कला संस्कृति को मिला वैश्विक मंच

इस सॉवेनियर शॉप की सबसे बड़ी यूटिलिटी और विशेषता यह है कि इसमें पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों और स्थानीय जनजातीय कारीगरों द्वारा निर्मित शिल्पकला (क्राफ्ट) को प्रमुखता से स्थान दिया गया है. पलामू की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाकृतियों को इस मंच के माध्यम से सीधे बाजार से जोड़ा गया है. स्थानीय वस्तुओं से बनी अनूठी कलाकृतियां सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं.

स्थानीय कारीगरों के हुनर को मिली पहचान

इस पहल से न केवल स्थानीय कारीगरों के हुनर को पहचान मिल रही है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नये अवसर भी सृजित हो रहे हैं. विदेशी और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक इन शिल्पों को देखकर भारत के इस जनजातीय क्षेत्र की कला के मुरीद हो रहे हैं.

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वेशभूषा से लेकर उच्च गुणवत्ता वाले शुद्ध स्थानीय उत्पाद

पर्यटकों की विभिन्न प्राथमिकताओं और आधुनिक मांग को ध्यान में रखते हुए इस स्मृति चिह्न दुकान में सामग्रियों का एक बड़ा और आकर्षक कलेक्शन उपलब्ध कराया गया है. दुकान के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं: विशेष रूप से डिजाइन की गय वेशभूषा: पलामू टाइगर रिजर्व और बेतला नेशनल पार्क के विशेष लोगो और वन्यजीवों के आकर्षक चित्रों से सजे टी-शर्ट और कैप (टोपी) युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं.

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आकर्षक गिफ्ट बॉक्स और स्टेशनरी

दोस्तों और परिजनों को उपहार स्वरूप देने के लिए लकड़ी और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से बने खूबसूरत गिफ्ट बॉक्स यहां उपलब्ध हैं. विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और बच्चों के लिए डायरी, पेन, पेंसिल और कई तरह के स्टेशनरी उत्पाद रखे गये हैं, जिन पर वन्यजीव संरक्षण के संदेश अंकित हैं.

शुद्ध स्थानीय खाद्य उत्पाद

इस दुकान की लोकप्रियता का एक और बड़ा और खास कारण यहां मिलने वाले जैविक खाद्य पदार्थ हैं. पलामू के जंगलों से निकाला गया सुप्रसिद्ध शुद्ध प्राकृतिक मधु (शहद) और स्थानीय खेतों से तैयार शुद्ध सरसों का तेल भी यहां बिक्री के लिए रखा गया है. मिलावट रहित और औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण सैलानी इन खाद्य उत्पादों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं. बेतला भ्रमण के बाद खरीदारी के लिए उमड़ रहा सैलानियों का हुजूम प्रतिदिन पलामू टाइगर रिजर्व और बेतला नेशनल पार्क का भ्रमण पूरा करने के बाद अधिकांश पर्यटकों का अगला पड़ाव यही सॉवेनियर शॉप होता है. शाम के समय पार्क बंद होने के बाद यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा सकती है. लोग कतारबद्ध होकर अपनी पसंद के सामान चुनते नजर आते हैं. यह दुकान अब बेतला आने वाले हर पर्यटक के टूर प्लान का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है. सॉवेनियर शॉप के संचालक ईदन अंसारी ने ग्राउंड जीरो पर स्थिति साझा करते हुए बताया कि यहां आने वाले पर्यटक इन सामानों को बहुत ही चाव और सम्मान के साथ खरीदते हैं. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग इन सामग्रियों को सिर्फ एक वस्तु के रूप में नहीं देखते, बल्कि वे इन्हें बेतला के जंगलों, यहां की वादियों और पलामू की खूबसूरत यादों के एक हिस्से के रूप में सहेज कर अपने साथ अपने घरों को ले जाते हैं.उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले पर्यटन सीजन में पर्यटकों की बढ़ती मांग और फीडबैक को देखते हुए कुछ और नए स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्पों को इस शॉप में शामिल करने की व्यापक योजना बनाई जा रही है. आर्थिक सुदृढ़ीकरण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा वन्यजीव विशेषज्ञों और स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन की यह दूरगामी पहल झारखंड में इको-टूरिज्म को एक नई दिशा देगी. यह मॉडल न केवल पर्यटन को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि स्थानीय समुदाय को सीधे तौर पर जंगल और वन्यजीव संरक्षण से भी जोड़ता है. जब स्थानीय लोगों को पर्यटन से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होता है, तो वे वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक और सहयोगी बनते हैं. कुल मिलाकर, बेतला का यह सॉवेनियर शॉप आज के समय में विकास, संस्कृति और संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है.


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विकाश नाथ

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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