महुआ चुनने में व्यस्त बच्चे, विद्यालयों में घट रही उपस्थिति

Author Deepak
Updated:
विज्ञापन
महुआ चुनने में व्यस्त बच्चे, विद्यालयों में घट रही उपस्थिति

बरवाडीह प्रखंड के जंगलों और पहाड़ियों से घिरे सुदूरवर्ती इलाकों के विद्यालयों में इन दिनों छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में भारी गिरावट देखी जा रही है.

विज्ञापन

संतोष, बेतला

बरवाडीह प्रखंड के जंगलों और पहाड़ियों से घिरे सुदूरवर्ती इलाकों के विद्यालयों में इन दिनों छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में भारी गिरावट देखी जा रही है. कारण वर्तमान समय में महुआ का सीजन. सुबह के समय विद्यालय की शुरुआत और महुआ गिरने का समय लगभग एक जैसा होने के कारण बच्चे स्कूल जाने के बजाय परिवार के साथ महुआ चुनने में व्यस्त रहते हैं. कई बच्चों को तड़के सुबह से ही जंगलों में महुआ बीनते हुए देखा जा सकता है. स्थिति यह है कि कुछ बच्चे तो रातभर महुआ के पेड़ों के नीचे डेरा जमाए रहते हैं, ताकि ताजे महुआ को बीन सकें. इसका सीधा असर उनकी शिक्षा पर पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि महुआ से उन्हें कुछ अतिरिक्त आमदनी हो जाती है, जिससे घर का खर्च चलाना संभव हो पाता है. ऐसे में शिक्षा और विद्यालय दूसरे पायदान पर चले जाते हैं.

अभियानों पर महुआ सीजन ने लगाया विराम

सरकार द्वारा विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन महुआ सीजन इन प्रयासों को प्रभावित कर रहा है. प्रखंड के कई सरकारी विद्यालयों में दो से तीन दर्जन विद्यार्थी प्रतिदिन अनुपस्थित पाये जा रहे हैं. शिक्षकों का कहना है कि वे बच्चों को विद्यालय लाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पारिवारिक जरूरतें और महुआ के मौसम में कमाई का अवसर बच्चों को स्कूल से दूर कर देता है.

कमाई का साधन बना महुआ, पढ़ाई से पहले रोज़गार

महुआ इस क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन है. गांवों में कई परिवारों के पास एक दर्जन से अधिक महुआ के पेड़ हैं. महुआ अधिकतर तड़के सुबह गिरता है, ऐसे में लोग अपने बच्चों को भी साथ लेकर जाते हैं, ताकि अधिक मात्रा में संग्रहण हो सके. महुआ बीनने के बाद उसे सुखाकर स्थानीय बाजार में बेचा जाता है. इसकी मांग अधिक होने के कारण ग्रामीण इसे प्राथमिकता देते हैं. इस कार्य में अधिकतर महिलाएं और किशोरियां शामिल रहती हैं, जिससे विद्यालयों में लड़कियों की उपस्थिति पर भी असर पड़ता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Deepak

लेखक के बारे में

By Deepak

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola