चापाकल से निकलता है दूषित पानी चुआंड़ी पर निर्भर हैं आदिम जनजाति
Updated at : 14 Apr 2017 7:59 AM (IST)
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चंदवा. जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी देवदत्त पाठक ने कामता पंचायत के ग्राम चेटुआग-परहिया टोला का दौरा किया. पेयजल संकट समेत गांव में व्याप्त समस्याओं का अवलोकन किया. इस टोला में आदिम जनजाति के लोग रहते हैं. पीने के पानी के लिए लोग चुआंड़ी पर निर्भर हैं. इस चुआंड़ी का पानी जानवर […]
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चंदवा. जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी देवदत्त पाठक ने कामता पंचायत के ग्राम चेटुआग-परहिया टोला का दौरा किया. पेयजल संकट समेत गांव में व्याप्त समस्याओं का अवलोकन किया. इस टोला में आदिम जनजाति के लोग रहते हैं. पीने के पानी के लिए लोग चुआंड़ी पर निर्भर हैं. इस चुआंड़ी का पानी जानवर भी पीते है. टोला के सनीका मुंडा, शनिचर परहिया, मंगरा मुंडा, चरका परहिया ने बीडीओ को बताया कि 10 घर वाले टोला में पहाड़िया और आदिम जनजाति के लोग रहते है. एक चापानल है जिससे हमेशा दूषित लाल पानी निकलता है. गरमी में जलस्तर गिरने के कारण पानी नही निकलता है.
इस कारण लोग चुआड़ी का पानी पीने को विवश है. बीडीओ ने तत्काल पंचायत सेवक सत्येंद्र कुमार सिंह को पेयजल संकट के निदान हेतु व्यवस्था करने का निर्देश दिया. इसके पश्चात श्री पाठक ने विद्यालय का निरीक्षण किया. विद्यालय में खराब पड़े चापानल को शीघ्र बनाने की बात कही. पेयजल संकट को लेकर माकपा जिला सचिव अयुब खान, पूर्व पंसस फहमीदा बीबी ने जिला प्रशासन को पत्र लिख कर निदान का अनुरोध किया था. मौके पर माकपा जिला सचिव अयुब खान व अन्य मौजूद थे.
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