प्रावधान हाशिये पर, चल रहे हैं क्रशर

महुआडांड़ : महुआडांड़ अनुमंडल मुख्यालय से सटे कुरुंद प्रतिबंधित वन क्षेत्र के बोड़ाकोना में इन दिनों क्रशर मिलों की संख्या बढ़ती जा रही है. उक्त क्षेत्र के इर्द-गिर्द कुरो टोंगरी, नगर प्रतापपुर, शाहपुर, रेंगाई, राजडंडा आदि जंगलों में दर्जनों क्रशर एवं बंगला भट्ठा चलाया जा रहा है. एक क्रशर जंगल से महज 100 गज से […]
महुआडांड़ : महुआडांड़ अनुमंडल मुख्यालय से सटे कुरुंद प्रतिबंधित वन क्षेत्र के बोड़ाकोना में इन दिनों क्रशर मिलों की संख्या बढ़ती जा रही है. उक्त क्षेत्र के इर्द-गिर्द कुरो टोंगरी, नगर प्रतापपुर, शाहपुर, रेंगाई, राजडंडा आदि जंगलों में दर्जनों क्रशर एवं बंगला भट्ठा चलाया जा रहा है.
एक क्रशर जंगल से महज 100 गज से भी कम दूरी पर लगाया गया है. इस क्रशर पर प्रतिदिन दो-तीन विस्फोट किया जा रहा है, जिससे वन्य प्राणियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. बताया जाता है कि इस प्लांट से नेतरहाट में निर्माणाधीन होटल प्रभात बिहार में प्रतिदिन 10-12 ट्रैक्टर बोल्डर भेजा जा रहा है.
क्या है प्रावधान
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रावधानों के मुताबिक क्रशर प्लांट वन क्षेत्र से 1200 गज दूर होना चाहिए. प्रदूषण नियंत्रण हेतु चिमनी का प्रयोग होना चाहिए. विस्फोटकों का इस्तेमाल माइंस सेफ्टी के अनुसार ही उस वक्त होनी चाहिए, जब वन्य प्राणियों को खतरा न हो.
– गजेंद्र प्रसाद –
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