रोजगार सेवक बरखास्त

Published at :16 Jul 2013 1:36 PM (IST)
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रोजगार सेवक बरखास्त

* जेइ, मुखिया, पंचायत सेवक सहित छह पर एफआइआरलातेहार : उपायुक्त आराधना पटनायक ने जिले के मनिका प्रखंड की विशुनबांध पंचायत के रेवत खुर्द गांव में मनरेगा के तहत बन रही तीन सिंचाई कूप योजना में वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप में विशुनबांध के मुखिया झमन सिंह, पंचायत सेवक ब्रजकिशोर यादव, कनीय अभियंता गुंजन कुमार […]

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* जेइ, मुखिया, पंचायत सेवक सहित छह पर एफआइआर
लातेहार : उपायुक्त आराधना पटनायक ने जिले के मनिका प्रखंड की विशुनबांध पंचायत के रेवत खुर्द गांव में मनरेगा के तहत बन रही तीन सिंचाई कूप योजना में वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप में विशुनबांध के मुखिया झमन सिंह, पंचायत सेवक ब्रजकिशोर यादव, कनीय अभियंता गुंजन कुमार एवं तीन बिचौलिया रघुनंदन यादव, पंकज यादव व संतोष राम पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश बीडीओ मनिका को दिया है.

वहीं रोजगार सेवक बिहारी राम को सेवा से बरखास्त करने का भी निर्देश दिया है. उप विकास आयुक्त रामदेव दास ने अपने कार्यालय कक्ष मे आयोजित प्रेस वार्ता में उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त गांव के तीन योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की शिकायत मनरेगा सहायता केंद्र मनिका के जेम्स हेरहंज द्वारा की गयी थी.

शिकायत के बाद एसडीओ सह मनिका के वरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (आरइओ) तथा प्रंखड विकास पदाधिकारी मनिका द्वारा योजना स्थलों का निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण में आरोपों को सत्य पाया गया.

* बिचौलिया संतोष राम पंसस का पति है
बिचौलिया संतोष राम विशुनबांध पंचायत समिति सदस्य सुशीला देवी का पति है. उसने सिंचाई कूप योजना में बिचौलिया के रूप में काम किया है. 29 मार्च 2012 को 80612 रुपये का भुगतान उसके द्वारा लिया गया. बिचौलिया रघुनंदन यादव ने चेक संख्या 181783 दिनांक 29 मार्च 12 को 40400 रुपये एवं पंकज यादव ने चेक संख्या 181782 दिनांक 29 मार्च 12 को 40400 रुपये का भुगतान चेक से प्राप्त किया है.

* मनरेगा के तहत चल रही तीन सिंचाई कूप योजना में वित्तीय अनियमितता का आरोपक्या है मामला1. योजना संख्या 11/10-11 (विशोख परहिया का सिंचाई कूप निर्माण) में निर्धारित प्राक्कलन राशि एक लाख 40 हजार की निकासी कर ली गयी. जांच दल ने पाया कि 35 फीट की जगह मात्र 23 फीट ही गहरा किया गया. वास्तविक भुगतान 66811 रुपये होना चाहिए. इस योजना में 73189 रुपये अधिक राशि का भुगतान किया गया.2. योजना संख्या 10/10-11 (निमी परहिया का सिंचाई कूप निर्माण) प्राक्कलित राशि निर्धारित 140100 के विरुद्ध 132000 रुपये का भुगतान कर दिया गया. जबकि जांच प्रतिवेदन में 35 फीट की जगह 14 फीट गहरा एवं साढ़े 12 फीट की जगह मात्र साढ़े दस फीट ब्यास का कूप निर्माण कराया गया. वास्तविक भुगतान 38816 होता है. इस प्रकार 93984 रुपये का अधिक भुगतान किया गया है.3. योजना संख्या 50/10-11 (सावन परहिया का सिंचाई कूप निर्माण) में प्राक्कलित राशि 182000 है, जिसके विरु द्ध 181000 का भुगतान कर दिया गया. 35 फीट की जगह 22 फीट गहराई एवं साढ़े 12 फीट की जगह साढ़े 14 फीट ब्यास का कूप निर्माण कराया गया. वास्तविक भुगतान 91600 होना चाहिए. इस प्रकार 89400 रुपये का अधिक भुगतान कर बिचौलियों एवं अधिकारियों के बीच सरकारी राशि की बंदरबांट की गयी है.

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