बैसाखी पर अरदास व लंगर
Updated at : 14 Apr 2015 10:57 PM (IST)
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लातेहार : प्रखंड कार्यालय स्थित सीआरपीएफ 11 वीं बटालियन के मुख्यालय स्थित गुरुद्वारा में बैसाखी पर्व मनाया गया. मौके पर द्वितीय कमांडेंट गोपाल यादव, उप कमांडेंट एके सिंह, अनुमंडल दंडाधिकारी डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि आदि उपस्थित थे. गुरुद्वारा के ग्रंथी जगतार सिंह एवं सुखदेव सिंह कहा कि बैसाखी के दिन ही दसवें गुरु गुरु गोविंद […]
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लातेहार : प्रखंड कार्यालय स्थित सीआरपीएफ 11 वीं बटालियन के मुख्यालय स्थित गुरुद्वारा में बैसाखी पर्व मनाया गया. मौके पर द्वितीय कमांडेंट गोपाल यादव, उप कमांडेंट एके सिंह, अनुमंडल दंडाधिकारी डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि आदि उपस्थित थे.
गुरुद्वारा के ग्रंथी जगतार सिंह एवं सुखदेव सिंह कहा कि बैसाखी के दिन ही दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी. उन्होंने आगे कहा कि बैसाखी पर्व का आध्यात्मिक महत्व है. जीवन में हमेशा नेकी एवं बदी की लड़ाई चलती रहती है.
बैसाखी के दिन गुरु गोविंद सिंह ने अपने शिष्यों को बुराई से दूर रह कर नेकी के रास्ते पर चलने की शिक्षा दी थी. खालसा पंथ की स्थापना के दिन पहले उन्होंने अपने शिष्यों को अमृत छकाया और फिर स्वयं उनके हाथों से अमृत छका. इसलिए कहा गया है प्रगटय़ो मर्द अगमन विरयाम अकेला, वाह वाह गुरु गोबिंद आपे गुरु आपे चेला. मौके पर गुरुवाणी एवं भंडारा का आयोजन किया गया. काफी संख्या में लोग शामिल हुए. इस अवसर पर एके सिंह, बीडी मौर्य, पंकज कुमार, देवनंदन सिंह, रंजीत सिंह, रामधनी प्रसाद, मुकेश पांडेय, बलिराम सिंह सहित सीआरपीएफ के जवान उपस्थित थे.
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