महिलाओं के हक के लिए संघर्ष जरूरी : निभा

Published at :16 Jul 2013 1:31 PM (IST)
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महिलाओं के हक के लिए संघर्ष जरूरी : निभा

लातेहार : एकल नारी सशक्ति संगठन झारखंड की एक बैठक बाजारटांड़ में हुई. संगठन की हजारीबाग टीम लीडर निभा सिन्हा ने कहा कि भारतीय महिलाएं आज भी दोयम दरजे के नागरिक के रूप में रह रही हैं. उन्हें अपना हक एवं अधिकार लेने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है. जो महिलाएं आर्थिक, सामाजिक एवं श्रेणीगत […]

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लातेहार : एकल नारी सशक्ति संगठन झारखंड की एक बैठक बाजारटांड़ में हुई. संगठन की हजारीबाग टीम लीडर निभा सिन्हा ने कहा कि भारतीय महिलाएं आज भी दोयम दरजे के नागरिक के रूप में रह रही हैं.

उन्हें अपना हक एवं अधिकार लेने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है. जो महिलाएं आर्थिक, सामाजिक एवं श्रेणीगत रूप से कमजोर हैं, वे अपने हक एवं अधिकार से वंचित रह जाती हैं. उन्होंने कहा कि विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, उम्रदराज अविवाहित महिला, आजीवन कारावास सजा याफ्ता व्यक्ति की पत्नी एवं शारीरिक रूप से नि:शक्त वैसी महिलाएं जो अकेले रहती हैं, उनकी आवाज उठाने के लिए 2005 में एकल नारी सशक्ति संगठन का गठन किया गया.

उन्होंने कहा कि गरीब एकल महिला अपनी जिंदगी गुजारने के लिए संघर्ष कर रही हैं. इन पर पारिवारिक व सामाजिक दबाव हमेशा बना रहता है. निभा सिन्हा ने बताया कि यह संगठन झारखंड के 22 जिलों के 57 प्रखंडों में कार्य कर रहा है. लातेहार प्रखंड के हर पंचायत से बहनों का चयन किया गया है. मौके पर इंद्रावती देवी, बसंती देवी, मोहित भेंगरा आदि उपस्थित थे.

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