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डीसी ने की स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा

Updated at : 07 Aug 2025 8:58 PM (IST)
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डीसी ने की स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा

डीसी ऋतुराज की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई.

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कोडरमा. डीसी ऋतुराज की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में एनीमिया मुक्त भारत, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, लिंगानुपात, टीकाकरण, परिवार नियोजन, गैर-संचारी रोग और सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी. डीसी ने प्रखंड स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदर्शन पर जोर दिया. एनीमिया मुक्त भारत की समीक्षा में पाया गया कि प्रखंडवार आइएफए (आयरन फोलिक एसिड) वितरण की स्थिति संतोषजनक नहीं है. इस पर डीसी ने नाराजगी जताते हुए कार्यों में सुधार का निर्देश दिया. राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान डीसी ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से करायें. इसके लिए चिकित्सकों की रूटीन तैयार कर विद्यालयों में हेल्थ कार्यक्रम संचालित करें. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की रूटीन सूची बीडीओ और बीपीओ के पास उपलब्ध करायी जाये, ताकि इसकी मॉनिटरिंग की जा सके. डीसी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव के लिए बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने की बात कही. इसके लिए समिति गठित कर एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने का निर्देश दिया. उन्हेंने एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक आरोग्य मंदिर को मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया, जहां स्वास्थ्य से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण एवं सामग्री उपलब्ध हो. समीक्षा के क्रम में जिन स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति संतोषजनक नहीं पायी गयी, वहां सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये. साथ ही लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए आमलोगों के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने एवं डिकॉय ऑपरेशन के निर्देश दिये. डीसी ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सभी संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. उन्होंने सदर अस्पताल में 24 घंटे साफ-सफाई, लैब, एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये. कहा कि प्रत्येक दिन दवा के स्टॉक की जांच की जायेगी. अस्पताल प्रबंधक के कार्यों का नियमित मूल्यांकन होगा. बैठक में डीडीसी रवि जैन, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ. रंजीत, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. रमन कुमार, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार के अलावा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANUJ SINGH

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