संयम पालन कर अपने जीवन को उत्तम बनायें : मुनि श्री

कोडरमा के सुबोध-आशा जैन गंगवाल द्वारा पूजन कराया गया.
झुमरीतिलैया. जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी को दिगंबर जैन के दोनों मंदिर में मनाया गया. प्रातः श्री दिगंबर जैन बड़े मंदिर में देवाधिदेव 1008 शांति नाथ भगवान के जन्म तप मोक्ष कल्याणक दिवस पर 1008 शांतिनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा पर प्रथम कलश का सौभाग्य राकेश-प्रीति जैन छाबड़ा एवं शांति धारा सुरेश-नरेंद जैन झांझरी, सुरेंद्र सौरभ काला के परिवार को प्राप्त हुआ. मोक्ष कल्याणक पर्व के अवसर पर निर्वाण लड्डू समाज के प्रेम-सुरेश जैन झांझरी ने मुनि श्री के चरणों में चढ़ाया. इसके साथ 1008 शांति विधान का आयोजन किया गया, जिसमें श्री फल चढ़ाने का सौभाग्य श्रेष्ठी सरिता ,सौरभ जैन काला और दीप प्रज्वलित का सौभाग्य सुशील-शोभा जैन पांड्या को प्राप्त हुआ. कोडरमा के गायक सुबोध-आशा जैन गंगवाल द्वारा पूजन कराया गया. मौके पर मुनि श्री 108 भावसागर जी मुनिराज ने अपने प्रवचन में बताया कि आप अपने जीवन में कुछ न कुछ नियम जरूर बनायें और मन को धर्म में लगायें. बच्चे को शुरू से ही नियम संयम का पाठ पढ़ायें, ताकि आगे जाकर अपने जीवन में संयम पालन कर अपने जीवन को उत्तम बना सकें. मौके पर मीडिया प्रभारी, राज कुमार अजमेरा, नवीन जैन सहित समाज के लोग काफी संख्या में मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




