मैथिल नवविवाहिताओं की मधुश्रावणी शुरू, 13 दिन होगी पूजा

Updated:
विज्ञापन

कोडरमा में मैथिल नवविवाहिताओं का मधुश्रावणी व्रत शुरू। पति की लंबी उम्र के लिए 13 दिनों तक बिना नमक के भोजन कर महिलाएं करेंगी विशेष पूजा और कथा श्रवण।

विज्ञापन

झुमरीतिलैया: कोडरमा जिले में मिथिला की लोक परंपरा और संस्कृति से जुड़ा मधुश्रावणी व्रत सोमवार से शुरू हो गया. नवविवाहित मैथिल महिलाएं 13 दिनों तक बिना नमक का भोजन कर यह कठिन व्रत करेंगी. व्रत का समापन 15 अगस्त को होगा.

पंडित जीवकांत झा ने बताया कि जिन कन्याओं का विवाह वर्ष 2025 के सावन माह के बाद हुआ है, वे इस वर्ष मधुश्रावणी व्रत कर रही हैं. यह व्रत पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए रखा जाता है. इस दौरान शिव-पार्वती, विषहरा, नाग देवता, सावित्री-सत्यवान, राम-सीता और राधा-कृष्ण की पूजा व कथा-श्रवण की परंपरा निभायी जाती है.

अंतिम दिन टेमी दागने की रस्म होगी. परंपरा के अनुसार व्रत के दौरान नवविवाहिताएं मायके में रहती हैं, जबकि ससुराल से पूजा सामग्री, भोजन, वस्त्र, मिष्ठान और अन्य उपहार (भार) भेजे जाते हैं. मधुश्रावणी को लेकर नवविवाहिताओं में खासा उत्साह है.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola