साल 1998 से कोडरमा विधानसभा से महिला उम्मीदवार ही जीतती रही है चुनाव, इस घटना के बाद बदली राजनीति

Published by : Sameer Oraon Updated At : 18 Oct 2024 1:54 PM

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Jharkhand Assembly Election 2024: 1998 में तत्कालीन विधायक रमेश प्रसाद यादव के निधन के बाद उनकी पत्नी अन्नपूर्णा देवी पहली बार विधायक बनीं. इसके बाद से अब तक हुए चुनावों में इस सीट से महिलाएं ही विधायक बनी हैं.

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कोडरमा: झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछ चुकी है. एक बार फिर विधायक बनने को लेकर जोर आजमाइश शुरू हो गयी है. वहीं, कोडरमा विधानसभा चुनाव के इतिहास को देखें, तो आधी आबादी की भागीदारी को लेकर अलग-अलग तस्वीर दिखती है. एक समय था जब 90 के दशक से पूर्व कोडरमा में हुए नौ आम चुनावों में एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरी थीं. वहीं, वर्ष 1998 में अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम ने यहां आधी आबादी का ही कब्जा जमवा दिया.

1998 के बाद पहली बार अन्नपूर्णा देवी बनीं विधायक

1998 में तत्कालीन विधायक रमेश प्रसाद यादव के निधन के बाद उनकी पत्नी अन्नपूर्णा देवी पहली बार विधायक बनीं. इसके बाद से अब तक हुए चुनावों में इस सीट से महिलाएं ही विधायक बनी हैं. 1998 से लेकर 2014 तक अन्नपूर्णा देवी लगातार राजद के टिकट पर विधायक निर्वाचित होती रहीं. 2014 में हुए चुनाव में भाजपा की डॉ नीरा यादव ने अन्नपूर्णा को पराजित कर दिया. 2019 में भी डॉ नीरा ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की.

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1990 में पहली महिला उम्मीदवार थीं गुनिया देवी

कोडरमा में 1952 से लगातार हुए नौ आम चुनावों में एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरी थीं. पहली बार 1990 में महिला उम्मीदवार के रूप में गुनिया देवी ने भाग्य आजमाया, पर उन्हें सिर्फ 627 मत मिला था. उस समय जनता दल के रमेश प्रसाद यादव विधायक चुने गये थे. इस चुनाव के बाद 1995 में किसी महिला ने उम्मीदवारी नहीं की.

सहानुभूति लहर में जीत गयी थी अन्नपूर्णा देवी

वहीं, 1998 में रमेश प्रसाद यादव के निधन के बाद हुए उप चुनाव में उनकी पत्नी अन्नपूर्णा देवी मैदान में आयीं और सहानुभूति लहर में जीत हासिल कर ली. वर्ष 2000 में भी अन्नपूर्णा को छोड़ कर कोई महिला उम्मीदवार नहीं थी, जबकि 2005 में अन्नपूर्णा देवी के अलावा भाजपा से लालसा सिंह व लोजपा से पूनम सिंह ने भाग्य आजमाया, पर सफलता नहीं मिली. उस समय लालसा सिंह को 19805 व पूनम सिंह को 1719 मत मिले थे.

2014 में नीरा देवी ने हासिल की जीत

2009 में भी अन्नपूर्णा को छोड़ कोई महिला उम्मीदवार सामने नहीं आयी. जबकि, 2014 में भाजपा ने डॉ नीरा यादव को उम्मीदवार बनाया और वह जीत हासिल करने में सफल रहीं. 2019 में दो महिला उम्मीदवार भाजपा से डॉ नीरा यादव व आजसू से शालिनी गुप्ता मैदान में थीं. इसमें डॉ नीरा 63636 मत लाकर फिर विजेता बनीं, जबकि शालिनी गुप्ता 44989 मत लाकर तीसरे स्थान पर रहीं. वर्तमान में अन्नपूर्णा देवी भाजपा से सांसद निर्वाचित होकर केंद्रीय मंत्री हैं.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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