नोटबंदी से अबतक 100 जानें गयीं

Updated at : 31 Dec 2016 7:39 AM (IST)
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नोटबंदी से अबतक 100 जानें गयीं

नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर झंडा चौक पर माले की सभा अडानी व अंबानी के इशारे पर चल रही है केंद्र सरकार झुमरीतिलैया : माले जिला कमेटी के नेतृत्व में नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर पोल खोल, हल्ला बोल अभियान के तहत तिलैया झंडा चौक पर सभा की गयी. अध्यक्षता जिला […]

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नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर झंडा चौक पर माले की सभा
अडानी व अंबानी के इशारे पर चल रही है केंद्र सरकार
झुमरीतिलैया : माले जिला कमेटी के नेतृत्व में नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर पोल खोल, हल्ला बोल अभियान के तहत तिलैया झंडा चौक पर सभा की गयी. अध्यक्षता जिला सचिव मोहन दता व संचालन राज्य कमेटी सदस्य श्यामदेव यादव ने किया. सभा में मुख्य वक्ता राजधनवार विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि नोटबंदी से अबतक 100 से अधिक लोगों की जान गयी है. जनजीवन अस्त-व्यस्त व अर्थव्यवस्था ठप हो गयी है. खेत खलिहानों से लेकर छोटे-बड़े व्यवसाय प्रभावित हुए है. दिहाड़ी मजदूरों को रोजी-रोटी पर आफत हो गयी है.
उन्होंने कहा कि किसानों के पास खाद बीज खरीदने के लिए पैसे नहीं है. धान की ब्रिकी प्रभावित हुई है. एक माह बीतने के बाद भी सरकार के दावे के विपरीत हालात गंभीर ही है. कहा कि सरकार के इस फैसले से जनता में हहाकार मचा हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते है कि अमीर व बेइमान लोग चेन से नहीं सो पा रहे, जबकि बैंकों की कतार में भ्रष्टाचारी, अमीर व ताकतवार लोग खड़े नजर नहीं आते है. बैंकों की लाइन में गरीब किसान ही खड़े नजर आते है.
उन्होंने कहा कि नोटबंदी का सच यह है कि सरकार बड़े लोगों को मदद पहुंचाने में लगी है. वहीं कैशलेस व्यवस्था के नाम पर छोटे व्यापारियों को उजाड़ने की साजिश हो रही है. देश में ऐसे सैकड़ों गांव है, जहां के गरीबों को इंटरनेट क्या बिजली तक नसीब नहीं है. 46 प्रतिशत लोगो के पास बैंक का खाता नहीं है. उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को उजाड़ कर ग्राहकों को बड़े मॉल की ओर धकेलने की साजिश हो रही है. श्री यादव ने कहा कि केंद्र की तानाशाह सरकार अडानी व अंबानी के इशारे पर चल रही है. जिला सचिव मोहन दता ने कहा कि कैशलेस के नाम पर आम गरीबों को परेशान किया जा रहा है.
झारखंड में दर्जनों ऐसे गांव है, जहां मोबाइल का टावर नहीं पकड़ता. वहां पर कैशलेस सिस्टम कैसे चलेगा. सभा को रामधन यादव, श्यामदेव यादव, संदीप कुमार, ईश्वरी राणा, राजेंद्र मेहता, प्रेम पांडेय, मुन्ना यादव, बीरेंद्र यादव, नीलम साहाबादी, शारदा देवी, रानी देवी, तुलसी राणा, राजकुमार पासवान, भोला यादव आदि ने संबोधित किया. मौके पर नवल पांडेय, चरणजीत सिंह, बाल गोविंद पांडेय, राजेश मोदी, नागेश्वर प्रसाद आदि लोग मौजूद थे.
माले की मुख्य मांगें
नोटबंदी से हुए नुकसान के मुआवजा स्वरूप जन-धन खाते में प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक लाख रूपये दिया जाये, जिनका खाता नहीं है, उनका खाता खुलवा कर मुआवजा दिया जाये, जनवितरण प्रणाली में मुफ्त राशन तथा सरकारी व निजी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाये,
सभी किसानों का कर्ज व स्कूल कॉलेज की फीस माफ की जाये, बैंक का कर्ज न चुकाने वाले और कालाधन जमाखोरों व विदेशी बैंकों के खाता धारकों की सूची जारी की जाये, कर्ज नहीं चुकाने वाले पूंजीपतियों की संपत्ति जब्त कर कर्ज वसूला जाये, राजनीतिक दलों के सभी आय के स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य किया जाये व उन्हें आरटीआइ के दायरे में लाया जाये, नोटों की कमी से निबटने के लिए सभी कार्यों के लिए पुराने नोटों के बदले वैध कूपन जारी किया जाये, नोटबंदी से मारे गये लोगों के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा व नौकरी दी जाये.
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