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डिकॉय आॅपरेशन में शामिल पदाधिकारियों व अन्य पर परिवाद पत्र दायर किया गया

Updated at : 03 Jul 2019 1:03 AM (IST)
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डिकॉय आॅपरेशन में शामिल पदाधिकारियों व अन्य पर परिवाद पत्र दायर किया गया

तत्कालीन सिविल सर्जन, कार्यपालक दंडाधिकारी, पीसीपीएनडीटी सेल की राज्य समन्वयक व अन्य को बनाया आरोपी कोडरमा : भ्रूण जांच के आरोप में तिलैया के डाॅक्टर गली में संचालित धनवंतरि अल्ट्रासाउंड की संचालिका डाॅ कुमारी सीमा पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई जहां पूरी तरह सवालों में घिर गयी है, वहीं इस इस मामले में प्रशासन की ओर […]

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तत्कालीन सिविल सर्जन, कार्यपालक दंडाधिकारी, पीसीपीएनडीटी सेल की राज्य समन्वयक व अन्य को बनाया आरोपी

कोडरमा : भ्रूण जांच के आरोप में तिलैया के डाॅक्टर गली में संचालित धनवंतरि अल्ट्रासाउंड की संचालिका डाॅ कुमारी सीमा पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई जहां पूरी तरह सवालों में घिर गयी है, वहीं इस इस मामले में प्रशासन की ओर से कथित दलाल करार दी गयी अनिशा खातून ने अब जांच टीम में शामिल पदाधिकारियों के विरुद्ध स्थानीय अदालत में परिवाद पत्र दायर कर दिया है.
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मंगलवार को दायर किये गये परिवाद पत्र संख्या 934/19 में कार्यपालक दंडाधिकारी सह पीसीपीएनडीटी सेल के संतोष कुमार सिंह, तत्कालीन सिविल सर्जन डाॅ हिमांशु भूषण बरवार, पीसीपीएनडीटी सेल की राज्य समन्वयक रफत फरजाना, सेल के राज्य सदस्य दिवाकर कुमार, सेल के जिलास्तरीय सदस्य असीम सरकार के अलावा डिकॉय महिला सह पोषण सखी सुप्रिया कुमारी व सहिया संगीता देवी (दोनों निवासी नावाडीह डोमचांच) को आरोपी बनाया गया है.
दायर परिवाद पत्र में अनिशा खातून का आरोप है कि बीते 27 मई को वह इलाज के लिए धनवंतरि अल्ट्रासाउंड सेंटर में गयी थी. करीब 1:30 बजे अचानक कुछ लोग आये व अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करते हुए मशीन व कागजात जब्त कर लिये. साथ ही डाॅ सीमा को गिरफ्तार कर ले गये. मेरे पास से भ्रूण जांच कराने को लेकर कथित रूप से दलाली करने का आरोप लगाते हुए 6500 रुपये बरामद होने की बात अधिकारियों ने कही, जबकि मेरे पास से कोई रुपये बरामद नहीं हुए थे. यहीं नहीं एक षडयंत्र के तहत मुझे फंसाते हुए दलाल कह कर सरेआम मानहानि की गयी.
दर्ज केस में यह कहा गया कि डिकॉय महिला की जांच के बाद डाॅक्टर ने मुझे कहा कि उसे बता दो कि गर्भ में पल रहा भ्रूण लड़की का है, जबकि अब उसी डिकॉय महिला को लड़का पैदा हुआ है. घटना के दिन इस तरह की कोई बातचीत डाॅक्टर के साथ नहीं हुई थी. यहीं नहीं भ्रूण हत्या व लिंग परीक्षण का झूठा आरोप लगाते हुए विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी. अनिशा का आरोप है कि जांच टीम के अधिकारियों का यह कार्य सद्भावना पूर्व किये गये कार्य की श्रेणी में नहीं आता है, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा के लिए ढिंढोरा पीटने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है.
ज्ञात हो कि बीते 27 मई को तत्कालीन डीसी भुवनेश प्रताप सिंह के निर्देश पर गठित जांच दल ने उक्त अल्ट्रासाउंड में छापेमारी की थी. डिकॉय आॅपरेशन को सफल बताते हुए अधिकारियों ने दावा किया था कि डाॅ सीमा ने कथित दलाल के मार्फत महिला की भ्रूण जांच की. डाॅ सीमा की गिरफ्तारी से आइएमए के बैनर तले डाॅक्टरों ने पांच दिन तक हड़ताल रखी थी. डाॅक्टर एक साजिश के तहत डाॅ सीमा को फंसाने की बात कहते रहे है. इस बीच रविवार की रात डिकॉय महिला सुप्रिया कुमारी ने डोमचांच रेफरल अस्पताल में लड़के को जन्म दिया, तो प्रशासनिक दावा सवालों में घिर गया.
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